बहराइच। अरनवा खैरीघाट निवासी एक ग्रामीण की जमीन का फर्जी वसीयतनामा तैयार करा परिवार के लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन का बैनामा कुछ लोगों ने करवा लिया। सहायक चकबंदी अधिकारी नानपारा ने भी बैनामा व अन्य कार्रवाई को नजरंदाज किया। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके तहत सहायक चकबंदी अधिकारी समेत छह के खिलाफ नानपारा पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
खैरीघाट थाना अंतर्गत अरनवा गांव निवासी धर्मवीर सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एबी सिंह के न्यायालय पर प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उसके बाबा साहब सिंह उसकी जमीन में सह खातेदार थे। बाबा का एक बेटा सरदार कुलदीप सिंह उत्तराखंड में रह रहे हैं, जबकि उसके दूसरे भाई परमवीर सिंह 30 जुलाई 2008 को नानपारा गए ही नहीं लेकिन दोनों के नाम का फर्जी हस्ताक्षर बनवाकर उनकी पूरी जमीन बैनामा करा ली। तमोलिनपुरवा निवासी सरदार दलीप सिंह, परविंदर सिंह, अरनवा निवासी हरप्रीत सिंह, सरदार बलविंदर सिंह और हरपाल सिंह ने फर्जी वसीयत सेे बैनामा कराया है। सहायक चकबंदी अधिकारी जीतेंद्र प्रसाद के न्यायालय पर बैनामा व फर्जी वसीयत से अमलदरामद का खेल खेला गया। धर्मवीर सिंह का कहना है कि जब उसने अगस्त में अपनी जमीन की खतौनी निकलवाई, तब उस पर विपक्षियों के नाम दिखे। धर्मवीर का कहना है कि उसने कोतवाली में तहरीर दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर 22 अगस्त को धर्मवीर ने सीजेएम न्यायालय पर प्रार्थना पत्र दिया।
मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एबी सिंह ने 20 नवंबर को सहायक चकबंदी अधिकारी नानपारा जीतेंद्र प्रसाद समेत अन्य पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेेश दिया है। उसी के तहत नानपारा पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करलिया है। प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह का कहना है कि विवेचना की जा रही है।