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अधिकार के लिए अब शिक्षकों ने बुलंद की आवाज

Tue, 10 Dec 2013 05:43 AM IST
Bahraich
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बहराइच। जिले के प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक और मदरसाें के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शिक्षक आंदोलित हो उठे हैं। सोमवार को शिक्षक महासंघ के बैनर तले एकत्रित होकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की भी बात कही है।
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राज्यकर्मियों की तर्ज पर शिक्षक भी शिक्षक महासंघ के बैनर तले अपनी लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए एकजुट हो गए हैं। सप्ताह भर तक शिक्षकों ने स्कूल में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे महासंघ के मंच पर प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक और मदरसों के शिक्षक एकजुट हुए। महासंघ के अध्यक्ष विद्या विलास पाठक की अगुवाई में सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में धरना स्थल पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू किया। लंबित समस्याओं के निराकरण, शिक्षामित्रों, वित्तविहीन और मदरसा शिक्षकों की समस्याओं के तात्कालिक समाधान की मांग पर शिक्षक अड़े थे। महासंघ अध्यक्ष ने सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। सह संयोजक छेदीराम वर्मा ने प्रदेश सरकार पर शिक्षक विरोधी होने और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष घनश्याम मिश्र और मंत्री डॉ. दीनबंधु शुक्ल ने कहा कि प्रदेेश सरकार शिक्षकों से मजदूरों की तरह सुलूक करती है। अब सरकार का यह रवैया बर्दाश्त के बाहर है। शिक्षक नेताआें ने दो टूक कहा कि समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर मोर्चा खोला जाएगा। धरने को प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री आनंद कुमार पाठक, जिला मंत्री विजय कुमार उपाध्याय, संयुक्त मंत्री अतहर अली सिद्दीकी, बृजेेश तिवारी, इंद्रजीत सिंह, मंसूर अहमद, प्रधानाचार्य परिषद के ओमप्रकाश त्रिपाठी, मंडलीय मंत्री कौशल किशोर ने संबोधित किया। शाम को शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष की अगुवाई में नगर मजिस्ट्रेट हरीराम सिंह को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
ये हैं प्रमुख मांगें
परिषदीय शिक्षकों को उच्चीकृत ग्रेड प्रदान किया जाए, मृतक आश्रित को नियुक्ति देकर सेवारत प्रशिक्षण व टीईटी कराया जाए, 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकाें को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किया जाए, शिक्षामित्रों को सेवा अनुभव का लाभ देते हुए टीईटी से मुक्त कर शिक्षक बनाया जाए, परिषदीय विद्यालयों में पदोन्नति के लिए मात्र तीन वर्ष का सेवा अनुभव मान्य हो, जूनियर विद्यालयाें के विज्ञान और गणित पदाें पर सीधी भर्ती न की जाए, मृतक आश्रित शिक्षकों को नियत मूल वेतन के अलावा आवास भत्ता दें, मृतक आश्रित व उर्दू शिक्षकों की पांच वर्ष की सेवा पूर्णा होने पर पदोन्नति का लाभ दें, जांच के नाम पर शिक्षकों के उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण करें, सीटी ग्रेड का लाभ एलटी ग्रेेड के चयन व प्रोन्नति वेतनमान में दें, वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्णकालिक दर्जा देकर मानदेय मिले, राजकीय शिक्षकों को एसीपी का लाभ देकर वरिष्ठता सूची प्रकाशित करें, राजकीय शिक्षकों का प्रोन्नति कोेटा पूर्ण किया जाए।
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