बहराइच। जिले में स्थापित प्राचीन मंदिरों की बेशकीमती मूर्तियों पर अरसे से मूर्ति चोरों की नजर है। बरामद की गईं प्लेटिनम की मूर्तियां के मामले में एसपी की मानें तो ये मूर्तियां नेपाल के राजघराने से संबंधित हैं। इस मामले में नेपाल पुलिस से भी संपर्क साधा जाएगा, जिससे कि बरामद प्रतिमाओं की प्राचीनता और मूर्ति तस्करों के मामले में विशेष जानकारी मिल सके।
जिले के कई मंदिर पांडवकालीन हैं। हजारों वर्ष पुरानेे इन मंदिरों में बेशकीमती मूर्तियां स्थापित हैं। इन पर मूर्ति चोरों और तस्करों की नजर लगी है। विशेश्वरगंज के लक्खारामपुर, गंगवल, हुजूरपुर के कटका मंदिर, बौंडी के रामजानकी मंदिर समेत दर्जन भर मंदिरों से दशक भर में 20 से अधिक अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हुई हैं लेकिन गंगवल की प्रतिमा ही अब तक बरामद हो सकी है। अब तस्करों की नजर बहुमूल्य मूर्तियों पर गड़ गई है। नेपाल के राजघराने में प्लेटिनम निर्मित मूर्तियों की पूजा-अर्चना की परंपरा है।
पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता का कहना है कि पकड़े गए मूर्ति तस्करों से पूछताछ व सर्विलांस की पड़ताल से प्लेटिनम की ब्रह्म, नंदी, पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां प्रथम दृष्टया नेपाल के राजघराने से संबंधित लग रही हैं। नेपाल पुलिस से भी संपर्क साधा जाएगा, जिससे कि प्रतिमाओं के बारे में विशेष जानकारी मिल सके। सीमा पर सक्रिय मूर्ति चोरों व तस्करों के पूरे गिरोह पर शिकंजा कसा जा सके। पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीम को पांच हजार रुपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। विशेष पुरस्कार के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।
एसएसबी जवानों ने मूर्तियां छोड़ने का बनाया था दबाव
बहराइच। दोनक्का तिराहे पर तस्करों से बरामद मूर्तियों को छोड़ने के लिए एसएसबी के कुछ जवानों ने क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम पर दबाव बनाया था। एसएसबी के ये जवान किस बटालियन के थे, इसका पता नहीं चल सका हपुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने कहा कि टीम गठित कर जांच कराएंगे।