पयागपुर (बहराइच)। मामराज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मंगलवार सुबह कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता उजागर हुई। प्रार्थना के दौरान अचानक बेहोश हुई छात्रा ढाई घंटे तक बेंच पर पड़ी रही। इस दौरान कॉलेज प्रशासन ने इलाज की व्यवस्था न कर उसके होश में आने का इंतजार करता रहा। ढाई घंटे बाद जब परिवारीजन पहुंचे तब उसे अस्पताल ले गए। दोपहर बाद इलाज शुरू होने पर छात्रा होश में आ सकी। स्कूल में ढाई घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
पयागपुर ब्लॉक स्थित मामराज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में इमलियागंज गांव निवासी रेखा (16) पुत्री कुंवर बहादुर कक्षा 11 की छात्रा है। प्रतिदिन की तरह मंगलवार सुबह रेखा 9:30 बजे स्कूल पहुंच गई। पौने दस बजे जब विद्यालय में प्रार्थना की घंटी बजी तो वह सहपाठियों के साथ मैदान में पहुंची। उस समय तेज धूप थी। प्रार्थना के दौरान ही रेखा को चक्कर आने लगा तो उसकी सहेलियों ने उसे पकड़कर क्लास रूम तक पहुंचाया। क्लास में पहुंचते ही वह बेहोश हो गई। सूचना प्रधानाचार्या राधा रानी सिंह को दी गई। प्रधानाचार्या व कुछ शिक्षिकाएं मौके पर पहुंचीं लेकिन किसी ने इलाज का कोई इंतजाम नहीं किया। एक घंटे तक पानी के छींटे मारकर छात्रा को होश में लाने का प्रयास किया गया लेकिन छात्रा के होश में न आने पर उसके परिवार को सूचना दी गई। 12:30 बजे पिता कुंवर बहादुर परिवार के सदस्यों के साथ कॉलेज पहुंचे। इसके बाद 108 एंबुलेंस सेवा को बुलाया गया और फिर उसे सीएचसी ले जाया गया। वहां इलाज शुरू होने के पौन घंटे बाद छात्रा को होश आया। घटना से सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक स्कूल में अफरातफरी रही। शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ।
मालूम हो कि कॉलेज से सीएचसी की दूरी महज एक किलोमीटर है। कॉलेज प्रधानाचार्य के पास निजी चौपहिया वाहन भी है। छात्रा के बेहोश होने पर अगर उसे तत्काल सीएचसी पहुंचा दिया जाता तो छात्रा को जल्दी स्वास्थ्य लाभ हो सकता था। इस मामले में प्रधानाचार्या राधा रानी का कहना है कि वह छात्रा के होश में आने का इंतजार कर रही थीं, इसीलिए अस्पताल लेकर नहीं गई।
मिली है सूचना कर रहे जांच : डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक अमरेंद्र सिंह ने कहा कि वह सुबह लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में थे। छात्रा के बेहोश होने और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही का पता चला है। वह स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।