बिछिया (बहराइच)। बहराइच-लखीमपुर सीमा पर कौड़ियाला गांव के निकट रेल लाइन पार करते समय गोकुल एक्सप्रेस की टक्कर से एक नर हाथी की मौत हो गई। बुधवार रात हाथियों का झुंड सीमा पर स्थित खैरटिया गांव में घुस आया था। गुरुवार सुबह झुंड गांव से निकला, तभी यह हादसा हुआ। वनाधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। शव के पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया है। ट्रेन चालक व गार्ड के खिलाफ लखीमपुरखीरी के तिकोनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र नेपाल के रायल वर्दिया नेशनल पार्क से खाता कॉरिडोर के माध्यम से जुड़ा हुआ है। आए दिन नेपाल के वन्य जीव कतर्निया संचुरी क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। बुधवार रात भी नेपाल से हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया घाट रेंज में गेरुआ नदी के तट से होकर पहुंचा था। पूरी रात बहराइच-लखीमपुर की सीमा पर स्थित खैरटिया गांव में हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया। इसके बाद गुरुवार सुबह झुंड खैरटिया गांव से वापस जाने के लिए मुड़ा। हाथी जब सुबह साढ़े चार बजे के आसपास गोंडा-मैलानी प्रखंड पर किलोमीटर संख्या 177/03 व 04 के मध्य रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी कासगंज से चलकर गोंडा जाने वाली गोकुल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15316 डाउन पहुंच गई। ट्रेन के चालक राम नेवास ने बताया कि झुंड का आखिरी हाथी ट्रेन की आवाज सुनकर रेलवे ट्रैक पर ही खड़ा हो गया। तब तक ट्रेन और हाथी के बीच काफी कम दूरी बची थी। चालक ने बताया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर ट्रेन के पलटने का खतरा था। ऐसे में ट्रेन और हाथी की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि ट्रैक पर खड़ा हाथी 20 फुट दूर खड्ड में जा गिरा। सिर और पेट में चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। टक्कर से ट्रेन का इंजन भी मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। ट्रेन मौके पर 40 मिनट तक खड़ी रही। दुर्घटना की सूचना पाकर प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुभाष चंद्रा, वन क्षेत्राधिकारी वसी इकबाल नकवी मौके पर पहुंचे। डीएफओ तिवारी ने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी की तहरीर पर गोकुल एक्सप्रेस के चालक राम नेवास और गार्ड एआर खान को नामजद करते हुए लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
डॉक्टरों का पैनल गठित
डीएफओ आशीष तिवासी ने बताया कि हाथी के पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्साधिकारी की अगुआई में तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया। पोस्टमार्टम के बाद गड्ढा खोदकर शव दफनाया जाएगा।
हाथी की उम्र 50 वर्ष के आसपास
डीएफओ ने बताया कि ट्रेन की टक्कर से नर हाथी की मौत हुई है। उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष के आसपास है। पोस्टमार्टम के बाद सही उम्र का पता लग सकेगा।