बहराइच। बिना सूचना के गैर हाजिर रहना अब डॉक्टरों के लिए आसान न होगा। अब डॉक्टरों को डेली डायरी मेनटेन करना होगी। कितने मरीज देखे या कितने ऑपरेशन किए, इसका ब्यौरा डायरी में लिखना होगा। इसके बाद डायरी संकलित कर शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर दर्ज सूचनाओं की समीक्षा होगी। यह डायरी तस्दीक करेगी कि डॉक्टर ने हर दिन क्या किया है। निष्क्रिय रहने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरनी तय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि इस पर अमल शुरू कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों को निर्देश जारी करते हुए निर्धारित फार्मेट उपलब्ध करा दिए गए हैं।
डॉक्टरों के ड्यूटी से गायब रहने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने नया फरमान जारी किया है। जिला अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टरों को रोजाना डेली डायरी पर दर्ज करना होगा कि उस दिन उन्होंने क्या किया। कितने मरीजों का परीक्षण किया और कितने ऑपरेशन निपटाए। यह आदेश अनुबंध व संविदा पर रखे गए डॉक्टरों पर भी लागू होगा। ओपीडी रजिस्टर व डेली डायरी का मिलान होगा। यदि भिन्नता पाई गई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। हर महीने की पांच तारीख को डॉक्टरों को ओपीडी रजिस्टर में दर्ज सूचनाएं व डेली डायरी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मुहैया करानी होगी। जिला स्तर पर समीक्षा के बाद माह की 10 तारीख को यह ब्यौरा स्वास्थ्य विभाग की बेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। शासन स्तर पर हर माह इसकी समीक्षा होगी और ओपीडी रजिस्टर से मिलान
किया जाएगा।
शासन की मंशा है कि डॉक्टरों की ड्यूटी से गायब रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगे। शासन की ओर से यह आदेश सभी उप निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को जारी कर दिया गया है। साथ में स्पष्ट कर दिया गया है कि आदेश का सख्ती से अनुपालन कराया जाए।
एनआईसी पर ऑनलाइन होंगे डॉक्टर
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि शीघ्र डॉक्टरों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय सूचना केंद्र की एनआईसी पर उनके एकाउंट बनाए जाएंगे। इसके जरिए डॉक्टर प्रतिमाह ओपीडी रजिस्टर व डेली डायरी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई शासन स्तर से की जाएगी।
होगा आदेश का अनुपालन
सीएमएस डॉ. उमाकांत वर्मा ने बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हो चुका है। सभी चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों को निर्धारित फार्मेट दिया गया है। स्पष्ट निर्देश है कि हीलाहवाली या फर्जी सूचनाएं भरने पर कठोर कार्रवाई होगी।