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पुजारी के सहायक को गोली से उड़ाया

Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
Bahraich
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चित्तौरा (बहराइच)। बेरिया गांव में देवी मंदिर के पुजारी के सहायक की शुक्रवार रात आश्रम में सोते समय कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का कारण जमीन का विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ चल रही है।
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कोतवाली देहात अंतर्गत बेरिया गांव में प्राचीन देवी मंदिर स्थित है। मंदिर में बाबा वीरदास मुख्य पुजारी हैं। उनके सहयोग के लिए चौखड़िया गांव निवासी पुजारी भुसैली (65) भी कई वर्षों से मंदिर में नियुक्त थे। भुसैली के नाम तीन एकड़ से अधिक जमीन थी। उन्होंने गांव में स्थित एक मंदिर को यह भूमि दान कर दी थी। जबकि कटकुइयां रामगांव निवासी रामसुभित व देवराज इस पर अपना कब्जा जता रहे थे। दोनों पक्षों में अरसे से विवाद भी चल रहा था। इसी मामले को लेकर शुक्रवार रात एक बजे के आसपास मंदिर के पास स्थित आश्रम में सो रहे भुसैली पर कुछ लोगों ने हमला कर मार पीट की। इसके बाद कट्टे से गोली मार उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
पुजारी बाबा वीरदास फायरिंग व चीख पुकार सुनकर दौडे़ लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कोतवाली को सूचना दी गई। कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक जेपी तिवारी तड़के दलबल के साथ गांव पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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भुसैली के भाई हरेराम की तहरीर पर रामगांव कटकुइयां निवासी रामसुभित और देवराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है।
दो वर्ष पहले भी हो चुका था अपहरण
बेरिया देवी मंदिर के पुजारी बाबा वीरदास का कहना है कि जमीन की रंजिश के चलते ही दो वर्ष पूर्व हत्यारोपियों ने भुसैली का अपहरण भी कर लिया था। सादे कागजों पर अंगूठा लगवाने के बाद उसे दिल्ली ले जाकर छोड़ा था। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
जमीन पर कब्जा बता रहे आरोपी
प्रभारी निरीक्षक जेपी तिवारी का कहना है कि गिरफ्तार रामसुभित और देवराज के मुताबिक भुसैली ने चौखड़िया गांव में स्थित 16 बीघा जमीन उन दोनों के नाम बैनामा किया था। इसके बाद धोखाधड़ी कर मंदिर के नाम जमीन को दान कर दिया था। इसी का विवाद चल रहा था।
पूरी रात दहशत में रहे ग्रामीण
बेरिया देवी मंदिर के सहायक पुजारी की हत्या की खबर जैसे ही रात में गांव के लोगों को मिली, सनसनी फैल गई। रात में ही काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गांव निवासी मुन्ना और राजकुमार समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि विवाद पहले से चल रहा था। इसके बावजूद पुजारी की सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए।
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