बहराइच। घाघरा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी की लहरें खतरे के निशान को छूने को बेताब दिख रही हैं। गिरिजापुरी और बनबसा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी चल रहा है। बुधवार को भी 1.30 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया था। ऐसे में फिर सैलाब की स्थिति उत्पन्न होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।
घाघरा का प्रकोप महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में रह-रहकर जारी है। जिसके चलते तटवर्ती इलाकों के लोगों का जीवन निरंतर खतरे में नजर आ रहा है। सप्ताह भर पूर्व आई बाढ़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। नदी एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए एल्गिन ब्रिज पर 106.016 मीटर पर पहुंच गई है। उधर, बौंडी में नदी 111.700 मीटर पर बह रही है। एल्गिन ब्रिज पर नदी अभी खतरे के निशान से 3.5 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन बौंडी में नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। निरंतर जलस्तर में इजाफा हो रहा है। बुधवार को गिरिजापुरी, गोपिया और बनबसा बैराज से 131677 क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया था। जबकि बनबसा बैराज से 35577 क्यूसेक पानी नदी में चल रहा था। गुरुवार को चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज से 117776 क्यूसेक व बनबसा बैराज से 37000 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है, जिससे बाढ़ की संभावना उत्पन्न हो गई है।