उर्रा (बहराइच)। बलई गांव में बुधवार को महिला किसान सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं को फसलों की रखवाली, सिंचाई तथा पैदावार के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही आम, मक्का, केला व पपीता के पेड़ों को बचाने के टिप्स दिए गए।
मिहींपुरवा विकास खंड की ग्राम पंचायत बलई में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपायुक्त स्वत: रोजगार सुरेंद्र कुमार गुप्त के निर्देशन में महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना का आयोजन क्रांति महिला ग्राम संगठन बलई गांव की ओर से हुआ, जिसमें मुख्य रूप से मई के प्रमुख कृषि उत्पादों की जानकारी दी गई।
महिलाओं को संबोधित करते हुए ब्लॉक एंकर पर्सन नंदकिशोर साह ने कहा कि मई में आम के पेड़ों की देखभाल अच्छे से करते रहें और जड़ों में समय-समय पर पानी दें, जिससे पानी के अभाव में फल मुरझाकर नीचे न गिरें। केला और पपीता के फलों को पत्तियों व बोरियों से ढक कर तेज धूप से बचाया जाता है।
यंग प्रोफेशनल आशुतोष सिंह ने कहा कि गन्ने की फसल में 10-15 दिन और मक्का, ज्वार की फसल की 10 से 12 दिन के अंतराल में सिंचाई करते रहना चाहिए। कद्दू वर्गीय फसलों में निराई, गुड़ाई और सिंचाई करना चाहिए। इस मौके पर विकास खंड प्रबंधक शिव कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार सिंह, समूह सखी गुड्डी, निधि मदेशिया, आमना, कृषि सखी हिरण पड़ी, रुक्मीना, माधुरी देवी आदि मौजूद रहे।