रुपईडीहा(बहराइच)। भारतीय सीमा में बिना वैध वीजा व पासपोर्ट के प्रवेश करने वाले छह चीनी नागरिकों को बुधवार शाम को एसएसबी के जवानों ने हिरासत में लिया था। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। चीनी नागरिक एसएसबी कैंप और भारतीय क्षेत्र में नोमेंस लैंड की फोटो कर रहे थे।
चीनी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी सकते में आ गए थे। दो दिन तक सभी से गहन पूछताछ हुई। चीनी नागरिक नेपाल के पर्यटक निकले। पता चला कि सभी नेपाली कोच की गलती से भारतीय सीमा में आ गए थे। पूछताछ के बाद सभी को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
चीन राष्ट्र के निवासी छह नागरिक बुधवार को दोपहर बाद भारतीय सीमा क्षेत्र में घुस आए। उस समय एसएसबी कैंप पर तैनात जवान आने जाने वाले लोगों की छानबीन कर रहे थे। इसी दौरान भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसे चीनी नागरिकों ने एसएसबी कैंप और जवानों की गतिविधियों को अपने कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया।
कुछ चीनी नागरिक नो मेंस लैंड की भी फोटो कर रहे थे। इसी दौरान एक एसएसबी जवान की नजर चीनी नागरिकों की गतिविधि पर पड़ गई। उसने इसकी जानकारी रुपईडीहा आउट पोस्ट के सहायक कमांडेंट सुकुमार देव वर्मन को दी। सहायक कमांडेंट ने जवानों के साथ मौके पर पहुंचकर सभी छह चीनी नागरिकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि सभी चीन राष्ट्र के लानसिन रोड एक्सटेन संघाई क्षेत्र के निवासी हैं। लेकिन किसी के पास वीजा नहीं है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी दी गई।
एसएसबी 42वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट सुकुमार देव वर्मन ने बताया कि पूछताछ के दौरान भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले चीनी नागरिकों ने बताया कि वह सभी घूमने के उद्देश्य से नेपाल आए थे। टहलते हुए भारत नेपाल सीमा पर पहुंच गए और अनजाने में सीमा पार कर गए। इनमें एक महिला स्किन चिकित्सक व दूसरी महिला निजी चीनी कंपनी की तकनीकी अधिकारी थी। जबकि चार पुरुष सदस्य भी विभिन्न क्षेत्रों के तकनीकी अधिकारी थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि एसएसबी व खुफिया अधिकारियों ने दो दिन तक गहन पूछताछ की लेकिन किसी के पास से न तो कोई आपत्तिजनक दस्तावेज मिला न ही उन सभी के सीमा के रेकी करने की पुष्टि हुई। इस पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी को गुरुवार देर रात नेपाल सुरक्षा अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया है।
रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि दुभाषिए के द्वारा हुई बातचीत में चीनी नागरिकों की पहचान युन स्वाज, जिंग एक्सीजुंग, हइ जिनचुंग, मिस हंगयांगलुंग व ली बिन के रूप में हुई। सीमा पर पकड़े गए चीनी नागरिक नेपालगंज क्षेत्र में बहने वाली राप्ती और कर्णाली नदी मेें राफ्टिंग के लिए 1 नवंबर को नेपाल आए थे। सभी होटल गैलेक्सी दरबार में ठहरे हुए थे। राफ्टिंग के बाद सभी को बुधवार को काठमांडू के रास्ते वापस चीन जाना था।