बिछिया/कतर्नियाघाट। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग ठीक पांच महीने बाद बुधवार को पर्यटकों के विहार के लिए खोल दिया गया। पहले दिन कतर्निया सेंक्चुरी भ्रमण के लिए 253 पर्यटक पहुुंचे। इनमें लखनऊ व बिहार के पर्यटक भी शामिल रहे। इन पर्यटकों को वन विभाग के वाहन से जंगल की सैर कराई गई। सभी ने बोटिंग भी की। इस मौके पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। भ्रमण करने पहुंचे छात्र-छात्राओं के साथ ही पर्यटकों ने भी वन और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प लिया।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग बरसात के बाद पुन: पर्यटकों के भ्रमण के लिए बुधवार को खोल दिया गया है। बुधवार सुबह डीएफओ जीपी सिंह ने गेरुआ सफारी के मुख्य द्वार पर फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर पर्यटक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वनांचल विद्यालय बिछिया की प्रधानाचार्या माहे अंजुम की अगुवाई में पहुंचे छात्र-छात्राओं के साथ ही मौजूद लखनऊ, बिहार के पर्यटकों को भी डीएफओ ने वन और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में डीएफओ ने कहा कि पर्यटकों को भी जागरूक रहकर भ्रमण करना होगा। जिससे जंगल सुरक्षित रहे। पहले दिन 253 पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। इनमें लखनऊ के अलावा बिहार व छत्तीसगढ़ के पर्यटक भी शामिल थे। छत्तीसगढ़ से आए गोरख प्रसाद समेत छह पर्यटकों के संग डीएफओ ने गेरुआ नदी में बोटिंग भी की। डीएफओ ने बताया कि 230 पर्यटक दिन में भ्रमण करने के बाद रात में लौट जाएंगे। जबकि शेष पर्यटक रात्रि विश्राम करेंगे। इस मौके पर पूर्व वनाधिकारी सूरज दूबे, कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी, वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह, धर्मापुर के रमाशंकर, विकास कुमार अस्थाना, एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
वन्यजीवों की हो रही निगरानी
डीएफओ जीपी सिंह ने कहा कि सेंच्युरी क्षेत्र में वह स्वयं वन विश्राम गृह व थारूहट की व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। जबकि आरक्षित क्षेत्र में वन्यजीव प्रतिपालक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।