तराई में आग की लपटों का कहर मुसीबत बनकर टूट रहा है। मंगलवार भोर में हुए अग्निकांड में कैसरगंज के ग्राम भौली में आग की लपटों से 50 व सूसादाउद पुर में 30 मकान जले हैं जबकि चित्तौरा के पसियनपुरवा में पांच मकान राख हुए। छह मवेशी जिंदा जल गए।
गांव खंडहर में तब्दील नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों की गृहस्थी का एक तिनका भी नहीं बचा है। लगभग 38 लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है। तहसीलदार ने राजस्वकर्मियों की टीम के साथ गांव पहुंचकर मुआयना किया है। पीड़ित परिवारों के 650 लोग खुले आसमान तले रहने को मजबूर हो गए हैं।
कैसरगंज तहसील अंतर्गत भौली गांव में मंगलवार सुबह अज्ञात कारणों से लगी आग से चीख पुकार मच गई। जब तक गांव के लोग दौड़ते, तब तक चल रही पछुवा हवा ने लपटों को और फैलाया। जिसके चलते गांव निवासी पंकज मौर्या, रामहेत, फूलचंद्र, सांवली प्रसाद, रामजस, श्रीचंद्र, धनंजय, रफीक, मुन्ना, मंटू, बृजेश, जगदीश, बाबू, टिनकू समेत 50 मकान धधक उठे। गांव में 62 मकान हैं, सिर्फ 12 आशियाने ही बचे हैं।
उधर रात में इसी तहसील क्षेत्र के सूसा दाऊदपुर गांव में लगी आग से तिलकराम, संतराम, बालकराम, रामदास, मायाराम, दयाराम, श्यामलाल, पल्ली समेत 30 ग्रामीणों के आशियाने जलकर राख हुए हैं। दोनों स्थानों पर ग्रामीणों की गृहस्थी का तिनका भी नहीं बचा है।
तहसीलदार डॉ. उमाशंर त्रिपाठी, नायब तहसीलदार बिंदू मिश्रा, लेखपाल उदयभान, कानूनगो गिरधारी लाल ने पहुंच कर मुआयना किया है। लगभग 38 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्राम प्रधान अनवर और कोटेदार भारत ने सूसा दाऊदपुर के अग्निकांड पीड़ितों को भोजन का इंतजाम किया है।
उधर सदर तहसील अंतर्गत विकास खंड चित्तौरा के ग्राम पंचायत इंटौझा कल्पीपारा अंतर्गत पसियनपुरवा गांव में लगी आग से सुकईराम, बैजनाथ, जगन्नाथ, छेदीराम और रामकिशुन के आशियाने जल गए। इस गांव में 17 मकान हैं। पांच सूकर व एक बकरी जिंदा जली है।
तीन लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। रात में ही समाजसेवी सरिता चौधरी ने कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचकर दमकल वाहन को बुलवाया। सभी पीड़ितों को 500-500 रुपये की सहायता दी। तहसीलदार को भी मामले से अवगत कराया गया।