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बाढ़ का खतरा, 70 गांव खानी करने के आदेश

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बहराइच/महसी। घाघरा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। नदी में चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांवों में पानी भरने से बाढ़ की आशंका है। एसडीएम ने 70 गांवों को खाली करने के आदेश जारी कर दिया है। गांवों में चेतावनी जारी करते हुए लेखपालों को लगा दिया गया है। देर रात तक पानी पहुंचने पर हालात और भी बदतर होने की आशंका है।
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लोगों में हड़कंप की स्थिति है। सभी सामान समेटकर तटबंध की ओर भाग रहे हैं। घाघरा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। देर रात तक गांवों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए तीन तहसीलों के एसडीएम को अलर्ट कर दिया गया है। एडीएम ने महसी क्षेत्र में निरीक्षण कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात के कारण घाघरा नदी में बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। घाघरा नदी में शारदा, गोपिया और गिरिजापुरी बैराज से तीन लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नदी का जलस्तर पहले से ही काफी अधिक था। करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का पानी गांवों में घुसने की आशंका है।
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जिसे देखते हुए महसी तहसील क्षेत्र के 70 गांवों में तहसील प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा ने रविवार को महसी तहसील क्षेत्र में उप जिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव और कैसरगंज के एसडीएम पंकज कुमार के साथ दौरा किया।

एडीएम ने बताया कि महसी तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश जारी किए गए हैं। तहसीलदार की जीप से कर्मचारियों ने क्षेत्र के गांवों में घूमकर लोगों को अलर्ट रहने और गांव को खाली करने की सूचना दी है।

पीड़ितों के लिए बने दो बाढ़ शरणालय
अपर जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा ने बताया कि महसी तहसील क्षेत्र के शारदासिंह पुरवा बाढ़ चौकी और ऐरिया इंटर कॉलेज को बाढ़ शरणालय बनाया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को इन शरणालयों पर सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों के खाने पीने और अन्य इंतजाम किए जाने के निर्देश भी एसडीएम को जारी कर दिए गए हैं।

इन गांवों की 30 हजार आबादी प्रभावित
महसी तहसील क्षेत्र के कायमपुर, गोलागंज, भौंरी, सिपहिया हुलास, बौंडी, चरीगाह, पिपरा, पिपरी, गोलागंज नईबस्ती, बरुआ कोड़र, बकैना, चुरईपुरवा, पासिनपुरवा, पुरबियनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, तूलापुर, जरमापुर, कोठार, रानीबाग, छत्तरपुरवा, सरसठ बेटौरा, प्रह्लादपुरवा, तारापुरवा, मथुरापुरवा समेत 70 गांवों को खाली करने का निर्देश दिया गया है।

इन गांवों की लगभग 30 हजार से अधिक की आबादी को बाढ़ शरणालयों पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को लगाया गया है।

मतरेपुर व आदमपुर में भी अलर्ट
उप जिलाधिकारी कैसरगंज पंकज कुमार ने बताया कि घाघरा नदी में छोड़ा गया पानी सोमवार दोपहर तक कैसरगंज तहसील क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है।

मतरेपुर और आदमपुर बाढ़ चौकी के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। उधर, मिहींपुरवा के एसडीएम कीर्तिप्रकाश भारती ने बताया कि नेपाल का पानी तहसील क्षेत्र में भी फैलने लगा है।
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इसको देखते हुए यहां भी कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। गिरगिट्टी, सोमईगौढ़ी, मझरा के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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