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घाघरा फिर लाल निशान पार, आठ मकान कटे

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बहराइच/उर्रा। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा से घाघरा नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। घाघरा में अलग अलग बैराजों से दो लाख 22 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
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इसके कारण घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर बुधवार को खतरे का निशान पार कर गई। नदी इस समय खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

मिहींपुरवा विकासखंड का सोमई गौढ़ी और महसी का कोठार गांव नदी के निशाने पर आ गया है। सोमई गौढ़ी गांव में आठ मकान नदी में समाहित हो गए। 53 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई है। कोठार गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर घाघरा नदी के मुहाने पर पहुंच गया है।

नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण घाघरा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मुताबिक एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी में पानी बढ़ रहा है।
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घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने के कारण महसी और मिहींपुरवा क्षेत्र के नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।

महसी तहसील क्षेत्र के गोलागंज के मजरा कोठार में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। यहां सुबह से दोपहर तक 53 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई।

मिहींपुरवा मोतीपुर तहसील का सोमईगौढ़ी गांव घाघरा नदी के तट पर बसा हुआ है। यहां भी घाघरा नदी उफान पर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से नदी के चारो ओर पानी फैल गया है।

बढ़ रहे जलस्तर के बीच नदी ने कटान करते हुए सोमईगौढ़ी गांव निवासी शिवराज, रमेश कुमार, जुगराज, रतन, बरेठे, तीरथराम, रामादल तथा राममूरत के मकान को लील लिया।

मकानों को उजाड़कर ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। पांच ग्रामीणों के मकान पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही है।

ग्राम प्रधान व ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे राजस्वकर्मियों ने सूची बनाकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। लेकिन अब तक बचाव के उपाय नहीं हो सके हैं।

पीड़ितों को जल्द मिलेगा आसरा
सोमईगौढ़ी व पलिहापुरवा में कटान हो रही है। दो दिन से लगातार मुआयना किया जा रहा है। बुधवार को भी कुछ ग्रामीणों के मकान कटे हैं। इसकी रिपोर्ट राजस्वकर्मियों से तलब की गई है। बाढ़ व कटान पर निरंतर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को कटान रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पीड़ितों को आसरा उपलब्ध कराया जाएगा।
-कीर्तिप्रकाश भारती, उप जिलाधिकारी मोतीपुर

इन गांवों में बाढ़ की स्थिति
महसी तहसील क्षेत्र के जरमापुर, मांझा दरिया बुर्द, चुरईपुरवा, कायमपुर, पिपरी, पिपरा आदि गांव निचले इलाकों मेें बसे हैं। नदी के खतरे का निशान पार करने से इन सभी गांवों में आगामी 24 घंटे में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

नदी में छोड़ा गया 2.22 लाख क्यूसेक पानी
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के बाद बैराजों से घाघरा नदी में पानी निरंतर बड़े पैमाने पर छोड़ा जा रहा है। बुधवार को दोपहर 12 बजे तक गिरिजापुरी बैराज, शारदा बैराज और बनबसा बैराज से 2.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

जारी किया गया अलर्ट
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा में पानी बढ़ रहा है। सभी तहसील के एसडीएम को कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद हैं।
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-रामसुरेश वर्मा, एडीएम बहराइच
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