शिक्षा से ही देश का भविष्य संवरता है। इसके बावजूद शिक्षा व्यवस्था में निजी स्कूलों का संचालन कर सेंध लगाने की कोशिश हो रही है। जिले में बड़े पैमाने पर बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन हो रहा था। इस मामले में पखवारे भर पूर्व 65 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही स्कूलों को बंद करवा दिया गया।
खोलने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है। जिसका नतीजा यह हुआ कि अब तक 15 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। इसकी कवायद बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू की है। शेष स्कूलों पर नजर रखी जा रही है।
जिले में अन्य व्यवसाय के साथ शिक्षा भी व्यवसाय के रूप में पनप रहा था। शहर, कस्बे और ग्रामीण अंचलों में बड़े पैमाने पर मांटेसरी, किड्स और पब्लिक स्कूल खुल गए थे। इस मामले में शासन की सख्ती के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कक्षा एक से आठ तक संचालित होने वाले बिना मान्यता के स्कूलों को चिह्नित करवाकर उन्हें नोटिस जारी किया।
बीएसए ने बताया कि जांच के दौरान बहराइच शहर, महसी, कैसरगंज, फखरपुर, पयागपुर, हुजूरपुर, मिहींपुरवा, नवाबगंज, रिसिया, रुपईडीहा, नानपारा और शिवपुर क्षेत्रों में 65 स्कूल बिना मान्यता के संचालित होते मिले। उन्हें नोटिस कर स्कूल का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों का संचालन बंद न करने पर एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए थे। जिसका असर यह हुआ कि सभी 65 स्कूलों पर ताला लटक गया। बीएसए ने बताया कि अब तक बंद हुए 65 स्कूलों में से 15 स्कूलों के प्रबंध समिति की ओर से स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया गया है।
इनमें बहराइच शहर के अलावा, तेजवापुर, फखरपुर, मिहींपुरवा, नानपारा और महसी क्षेत्र के स्कूल शामिल हैं। संबंधित क्षेत्र केखंड शिक्षा अधिकारियों को फाइल भेजकर जांच करवाई जा रही है। स्कूल संचालन का मानक पूरा होने के बाद मान्यता देने की कार्रवाई की जाएगी।