उर्रा (बहराइच)। झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने लकड़ी काट रहे युवक पर अचानक हमला कर दिया। युवक ने डंडे के सहारे तेंदुए से 10 मिनट तक संघर्ष किया। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े। तब तेंदुआ युवक को छोड़कर पड़ोसी गांव त्रिमुहानी में जा पहुंचा। वहां खेत जा रहे बालक पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों के दौड़ने पर तेंदुआ बालक को जंगल की ओर खींचने लगा। लोगों ने हांका लगाते हुए मशाल जलाई। तब किसी तरह बालक को छोड़कर तेंदुआ जंगल की ओर गया। आधे घंटे में दो हमलों से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। घटना की सूचना पाकर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है।
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। गांव के निकट खाबड़ व पिंजड़ा लगाया गया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही तेंदुए जंगल से निकलकर आबादी की ओर रुख करने लगे हैं।
बाघ और तेंदुए आए दिन जंगल से सटे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के धर्मापुर रेंज अंतर्गत हरखापुर ग्राम पंचायत का खुटेहना फार्म जंगल से सटा हुआ है।
गांव निवासी गुरुजिंदर सिंह (30) रविवार सुबह फार्म में टटिया (छप्पर की लकड़ी की दीवार) बांधने के लिए लकड़ी काट रहे थे। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने गुरुजिंदर पर हमला कर दिया।
गुरुजिंदर ने एक डंडे के सहारे तेंदुए से संघर्ष करते हुए शोर मचाया। इस पर आसपास के ग्रामीण दौड़े। ग्रामीणों ने पीपा बजाते हुए मशाल जलाकर हांका लगाना शुरू किया।
तब तेंदुआ युवक को छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। अभी ग्रामीण तेंदुए के हमले से घायल युवक को ढांढस बंधाने में जुटे थे, तभी तेंदुआ 300 मीटर की दूरी पर स्थित त्रिमुहानी गांव के निकट पहुंच गया।
उसने खेत जा रहे मनोज (10) पुत्र बूंदेलाल पर हमला कर दिया। तेंदुआ मनोज को जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर खींचने की कोशिश कर रहा था। तभी उसकी चीख सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े।
ग्रामीणों के एकत्रित होने पर तेंदुआ मनोज को छोड़कर जंगल की ओर गया। हमले में युवक के साथ बालक भी लहूलुहान हुआ है। तत्काल धर्मापुर रेंज कार्यालय पर तेंदुए के हमले की सूचना दी गई।
घायल बालक व युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाकर भर्ती कराया गया। इलाज के बाद दोनों को घर भेज दिया गया।
उधर, हमले की सूचना पाकर एसडीओ यशवंत सिंह, धर्मापुर के वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी, सुजौली एपी सिंह, मुर्तिहा कोतवाल श्याम सरोज, वन दरोगा शरीफ अहमद, मनोज पाठक गांव पहुंचे। वहां हमलों सेे परेशान ग्रामीण काफी आक्रोशित थे। सभी ने ग्रामीणों को शांत कराया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि घायल बालक व युवक को मुआवजा दिया जाएगा।
जंगल के किनारे लगाए खाबड़
वन विभाग ने तेंदुए की आमद को देखते हुए खेत के चारो तरफ जंगल मार्ग पर खाबड़ लगा दिया है। इससे जंगल से निकलकर खेत की ओर प्रवेश करते ही तेंदुआ खाबड़ में फंस जाएगा, जिससे उसे दूसरे क्षेत्र में भेजा जा सकेगा।
तेंदुए के लिए लगाया पिंजड़ा
तेंदुए ने बालक व युवक को घायल किया है। ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पिंजड़ा लगाया गया है। उसमें बकरी बांध दी गई है। पिंजड़े में तेंदुए के कैद होते ही उसे घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा। ग्रामीण सतर्क रहें। जंगली जीवों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
-जीपी सिंह, डीएफओ, कतर्नियाघाट