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कतर्नियाघाट में छह नए थारू हट बनेंगे

Mon, 25 Jan 2016 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच/कतर्नियाघाट। कतर्नियाट संरक्षित वन क्षेत्र मेें भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों की डिमांड थारू हट  है। 15 नवंबर से आज तक एक भी थारू हट खाली नहीं रहे।
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थारू हट की डिमांड को देखते हुए वन विभाग ने क्रोकोडायल सेंटर के पास और छह थारू हट निर्माण की योजना बनाई है। इसे शासन ने हरी झंडी दे दी है।

कर्माचारियों के पुराने भवनों को तोड़कर थारू हट का निर्माण किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। निर्माण पर 60 लाख का बजट खर्च होने की उम्मीद है।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है। संरक्षित वन क्षेत्र के भ्रमण पर आने वाले पर्यटक अन्य छह रेंजों के बजाए कतर्नियाघाट रेंज में ठहरना अधिक पसंद करते हैं क्योंकि इस वन क्षेत्र में बाघ, तेंदुए, हाथी, गैंडे आसानी से देखने को मिल जाते हैं।

अगर गेरुआ नदी के तट पर स्थित हट में रात गुजारने का मौका मिले तो बात ही कुछ और होती है। स्थिति यह है कि इस समय कतर्नियाघाट रेंज में 12 टाइगर कैंप व हिरनों की प्रजातियों के नाम पर सैलानियों के ठहरने के लिए भवन स्थित हैं, जबकि थारूहट की संख्या सिर्फ दो है। एक वन विश्रामालय है।
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15 नवंबर से जब से कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पर्यटकों के लिए खोला गया है तब से ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद एक भी दिन टाइगर व अन्य कैंप तथा थारू हट की बुकिंग निल नहीं रही है।

पर्यटक वेटिंग में रहते हैं। यह संख्या भी प्रतिदिन 40 से अधिक होती है। पर्यटकों के इस रुझान को देखते हुए वन विभाग ने गेरुआ नदी के तट पर स्थित सर्वेंट व नाविक क्वार्टर के स्थान पर थारू हट निर्माण का फैसला लिया है। प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिसे शासन ने हरी झंडी दे दी है।

डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि नदी के तट पर क्रोकोडायल सेंटर के निकट निर्मित पुराने सर्वेंट क्वार्टर को तोड़कर छह सर्वेंट क्वार्टर स्थापना की कवायद शुरू की गई है।

प्रयास है कि मार्च तक थारू हट का निर्माण पूरा कर लिया जाए। वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि एक थारू हट के निर्माण में लगभग 10 लाख की लागत आएगी। ऐसे में लगभग 60 लाख रुपये खर्च होंगे।

सभी सुविधाओं से सुसज्जित होगा थारू हट

वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि थारू हट के निर्माण की जिम्मेदारी वन निगम को सौंपी गई है। निर्माण की जो प्रक्रिया शुरू हुई है, इसमें पर्यटकों की सारी सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है। पानी, बिजली के साथ-साथ आरामदायक बेड और लॉन की व्यवस्था होगी।

ऑनलाइन ही होगी बुकिंग

वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इन थारू हटों का निर्माण होने के बावजूद बुकिंग ऑनलाइन ही हो सकेगी। एक थारू हट की बुकिंग के लिए ढाई हजार रुपये अदा करने होंगे। इस किराये में लंच डिनर, ब्रेकफास्ट शामिल होगा।
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