11 महाविद्यालयों में प्रवेश पर रोक
अवध विश्वविद्यालय ने की कार्रवाई
मानक के विपरीत संचालित हो रहे थे महाविद्यालय
फोटो है।
अतुल अवस्थी/वीरेंद्र श्रीवास्तव
बहराइच। जिले के छात्र-छात्राओं को सजग रहने की जरूरत है। जिले के 11 महाविद्यालयों पर डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने नवीन सत्र में स्नातक में प्रवेश लेने पर रोक लगा दी है। ये सभी 11 महाविद्यालय विश्वविद्यालय की हाल ही हुई जांच में मानक पर खरे नही उतरे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने महाविद्यालयों के प्रबंधक व प्राचार्यों को नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय की नोटिस के बाद महाविद्यालयों के प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप है।
जिले के विभिन्न अंचलों में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध 45 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों के संचालन की जो गाइडलाइन जारी की गई है, उसके तहत जिले के 11 महाविद्यालय मानकों पर खरे नही हैं। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बीते जून में कराई गई महाविद्यालयों की सर्वे में हो चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मानक के अनुरूप इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं हैं। महाविद्यालय भवन भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में महाविद्यालयों के पठन पाठन पर सवाल उठने लगे हैं। इस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन महाविद्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया है।
ऑनलाइन सत्यापन में नहीं शामिल हुए थे महाविद्यालय
डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय की ओर से नवीन सत्र शुरू होने से पूर्व महाविद्यालयों में पाठ्यक्रमों के सापेक्ष शिक्षकों व महाविद्यालय की व्यवस्था का ऑनलाइन वेरीफिकेशन किया गया था। पर जनपद के 11 महाविद्यालय, विश्वविद्यालय द्वारा किए गए ऑनलाइन वेरीफिकेशन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। इस पर अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने बीते दो जुलाई को पहली नोटिस जारी करते हुए कहा था कि ऑनलाइन प्रक्रिया में प्रतिभाग न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि सभी 11 महाविद्यालय मानक विहीन संचालित हो रहे हैं। इसके बाद कुलसचिव ने जनपद के 11 महाविद्यालयों में नवीन शिक्षण सत्र में स्नातक प्रवेश प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
ये हैं मानक
महाविद्यालय के संचालन में कम से कम 10 बीघा भूमि का होना आवश्यक है। कॉलेज भवन में दस कमरे, पाठ्यक्रमों के सापेक्ष प्रशिक्षित शिक्षक, लाइब्रेरी, खेल का मैदान, शौचालय, कार्यालय, प्राचार्य का कार्यालय होना आवश्यक है।
इन महाविद्यालयों में प्रवेश पर लगी रोक
अवध विश्वविद्यालय ने जिले के 11 महाविद्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाई है। इनमें प्रज्ञासृजन भारती महिला महाविद्यालय चित्तौरा, महाराजदीन शुक्ला शिक्षण सेवा संस्थान मटेराकला नानपारा, बाबा बुद्धेश्वरनाथ शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय रामपुर धेबीहार नानपारा, राजमाता लल्ली कुमारी महाविद्यालय पयागपुर, रामसुंदर वर्मा स्मारक महाविद्यालय भदौली चिलवरिया, रामेश्वरदत्त मेमोरियल महाविद्यालय कृष्णानगर महसी, रामतेज भगौती प्रसाद महाविद्यालय धरसंवा, रसिक बिहारी महाविद्यालय बदनापुर कंछर विशेश्वरगंज, एसआर डिग्री कॉलेज आफ सांइस एंड मैनेजमेंट हरदी, शकुंतला मेमोरियल एजूकेशनल इंस्टीट्यूट उन्नैसा और शांति यादव महाविद्यालय मोहम्मद नगर बहराइच शामिल हैं।
नहीं ले सकेंगे प्रवेश, हो रही जांच
बहराइच के जिन 11 महाविद्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सभी मानक के विपरीत हैं। बिना मानक के महाविद्यालयों का संचालन नहीं हो सकता। छात्र अगर प्रवेश लेंगे तो विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा। इस मामले में अन्य मद्दों पर भी जांच चल रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज दीक्षित, कुलपति, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय
पहले ही दी गई थी चेतावनी
जिले के 11 महाविद्यालयों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। इसकी सूचना मिली है। सभी महाविद्यालयों को पूर्व में ही नोटिस जारी किया गया था। फिर भी संबंधित महाविद्यालय संचालकों ने ध्यान नहीं दिया। कुछ महाविद्यालय मानक दुरुस्त करवाकर कुलपति को आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन मानक दुरुस्त होने के बाद ही छत्रों का प्रवेश संभव होगा।
-डॉ. एसपी सिंह, अध्यक्ष, महाविद्यालय प्राचार्य संघ