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दिल्ली से फखरपुर के लिए चला युवक हुआ बरेली बस हादसे का शिकार

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दिल्ली से चला युवक बरेली बस हादसे का शिकार
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चचेरे भाई की शादी में शामिल होने आ रहा था घर
अमर उजाला ब्यूरो
हराइच। फखरपुर के इटहुवा गांव निवासी एक युवक दिल्ली में निजी प्रतिष्ठान पर नौकरी करता था। सोमवार को वह दिल्ली से रवाना हुआ। मंगलवार शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिवारीजनों को चिंता हुई। दिल्ली में रिश्तेदार से संपर्क साधा तो उसने सोमवार को बस पर बिठाने की बात कही। खोजबीन के दौरान पता चला कि युवक बरेली हादसे में आग का गोला बनी बस में सवार था। इस पर परिवार में कोहराम मच गया। आननफानन में परिवारीजन बरेली भागे। वहां पर युवक के भाई का ब्लड लेकर डीएनए टेस्ट के लिए डॉक्टरों ने भेजा है। अब तक शव नहीं मिल सका है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के इटहुवा गांव निवासी राघवेंद्र सिंह (21) पुत्र सत्रोहन सिंह दिल्ली में नौकरी करता था। उसका रिश्तेदार मिंटू सिंह भी साथ में काम करता था। बुधवार को घर पर चचेरे भाई विपिन सिंह की शादी थी। बारात फरदा सुमेरपुर गांव जानी थी। वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए राघवेंद्र सोमवार को दिल्ली से बस संख्या यूपी 43 टी 5978 में सवार हुआ। दिल्ली से गोंडा के लिए रवाना हुई यह बस बहराइच से होकर गुजरती है। इससे राघवेंद्र ने समझा था कि वह समय से घर पहुंचकर बारात में शामिल होगा। लेकिन मंगलवार शाम तक जब राघवेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिवारीजन चिंतित हो उठे। दिल्ली में रिश्तेदार मिंटू से संपर्क साधा गया तो उसने बस नंबर का हवाला देकर उसमें राघवेंद्र को बैठाने की बात बताई। यह भी कहा कि बरेली में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। उस बारे में पता कर लीजिए। इससे परिवारीजन सहम गए। तत्काल परिवहन निगम कार्यालय से संपर्क साधा तो पता चला कि जिस बस में राघवेंद्र सवार हुआ था, वही बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इससे घर में कोहराम मच गया। राघवेंद्र का भाई बबलू सिंह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रात में ही बरेली रवाना हुआ। फोन पर बातचीत के दौरान बबलू ने बताया कि बरेली में उसे शव नहीं दिखाया गया है। ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट की बात कही गयी है। डीएनए टेस्ट मैच होने के बाद ही शव मिल पाएगा।
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मां का रो-रो कर है बुरा हाल
राघवेंद्र के पिता की अरसा पूर्व मौत हो चुकी है। राघवेंद्र दिल्ली में काम कर नौकरी करता था। जबकि उसका बड़ा भाई बबलू पर खेतीबाड़ी संभालता है। राघवेंद्र की मौत के बाद उसकी मां रामकुंवरि का रो-रो कर बुरा हाल है।
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विवाह की निभायी गई औपचारिकता
बरेली बस हादसे में राघवेंद्र की मौत से पूरा परिवार बिलख रहा है। पहले से तय वैवाहिक कार्यक्रम निपटाने का भी दबाव बन रहा था। इस पर दूल्हा विपिन के साथ 15 बाराती महज औपचारिक रूप में फरदा गांव के लिए बुधवार शाम को रवाना हुए।
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