बहराइच। अवैध खनन से तराई की धरती का सीना छलनी हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारी महज कागजी खानापूर्ति कर किनारा कस रहे हैं।
इससे जिले के कई इलाकों में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। पुलिस की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही हैं। रात के समय थानों के सामने से बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेरोकटोक गुजर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बालू खनन को रोकने के लिए जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। अवैध खनन रोकने के लिए डीएम ने सभी तहसीलों के अधिकारियों के साथ खनन विभाग के निरीक्षकों को आदेश जारी कर रखे हैं।
लेकिन ये आदेश महज फाइलों तक ही कैद होकर रह जा रहे हैं। जिले के सदर, महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील में अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
शहर से सटे कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ताज खोदाई, नगर, शेखदहीर, रामगांव थाना क्षेत्र के झांसा बनवारी, राजापुर आदि इलाकों से प्रतिदिन बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खदान कर निकल रही हैं। पुलिस के सामने से ही बालू लदी गाड़ियां गुजर रही हैं। मगर वह कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की लगती लाइन, पुलिस अंजान
शहर के नानपारा बाईपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पीछे लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर प्रतिदिन रात के समय बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की लाइन लगी रहती है।
रामगांव थाना क्षेत्र के बरुआ घाट पुल के पास व राजापुर से निकलने वाले बालू की पूरी मंडी सजती है। यही हाल दरगाह शरीफ के मोहम्मदा नाले और टिकोरामोड़ चौकी के टेपरा, भटपुरवा आदि इलाकों का भी है। पुलिस सब जान कर भी अंजान बनी रहती है।
आवंटित खदानों से अभी बालू खनन है बंद
जरवलरोड के तपेसिपाह के तीन स्थानों, महसी के पचदेवरी, नानपारा के लहसोरवा आदि जगहों पर बालू खनन के पट्टे दिए गए थे। बरसात होने के कारण खदान बंद कर दी गई है।
नये पट्टे के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। अवैध बालू खनन पर अंकुश के लिए सूचना मिलते ही पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की जाती है।
-विकास सिंह, खनन निरीक्षक, बहराइच