बहराइच। आदर्श जिला अस्पताल के उच्चीकरण के तहत निर्मित 100 बेड का अतिरिक्त अस्पताल भवन शनिवार को जिला अस्पताल के सुपुर्द कर दिया गया। 30 करोड़ की लागत से निर्मित चार मंजिला भवन में मरीजों और तीमारदारों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था है। 100 अतिरिक्त बेड का अस्पताल भवन मिलने से अब मरीजों को भर्ती होने के लिए बेड का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नवीन भवन में पंजीकरण केंद्र, औषधि वितरण केंद्र के साथ ही रेडियोलॉजी की भी सुविधा रहेगी। जिला अस्पताल में अब तक महज 201 बेड की सुविधा उपलब्ध है। जबकि बहराइच जिला अस्पताल पर गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर एवं नेपाल के मरीजों का भी दबाव रहता है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2800 से 2900 मरीजों का परीक्षण होता है।
इनमें 10 फीसदी मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत होती है। लेकिन कम बेड के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या से अस्पताल प्रशासन की संस्तुति पर शासन ने जिला अस्पताल के उच्चीकरण को हरी झंडी दी थी। इसी के तहत 30 करोड़ की लाग से 100 बेड का चार मंजिला अस्पताल भवन दो माह पूर्व निर्मित होकर तैयार हुआ था।
लेकिन अग्निशमन विभाग की एनओसी के अभाव में उच्चीकृत भवन जिला अस्पताल प्रशासन को हस्तगत नहीं हो सका था। शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम ईकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर जीसी चतुर्वेदी व सहायक इंजीनियर अरविंद कुमार ने अस्पताल पहुंचकर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय को नवनिर्मित 100 बेड के अस्पताल भवन के पूर्ण दुरुस्त होने के अभिलेख सौंपे।
दोनों अधिकारियों ने अभिलेखों पर हस्ताक्षर किया। कार्यदायी संस्था राज्य निर्माण निगम से भवन को अस्पताल प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। मुख्य चिकित्साअधीक्षक ने बताया कि नवीन भवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। आगामी 01 अगस्त से नवीन भवन में मरीजों को भर्ती करने की कवायद शुरू होगी।
नए भवन में सुविधाएं
मुख्य चिकित्साअधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि नवीन भवन में रोगी पंजीकरण केंद्र, औषधि वितरण केंद्र, रेडियोलॉजी विभाग एवं डिजिटल एक्सरे की सुविधा होगी। इससे मरीजों को नए भवन से पुराने भवन की ओर दौड़ भाग नहीं करनी पड़ेगी। सीएमएस ने कहा कि चार मंजिला होने से लिफ्ट की भी व्यवस्था है।
14 डॉक्टरों की और होगी जरूरत
सीएमएस ने कहा कि 201 बेड के अस्पताल में विभिन्न रोगों के 19 विशेषज्ञों व औषधि भंडार प्रभारी और अधीक्षक समेत 28 चिकित्सक की तैनाती है। लेकिन 100 बेड बढ़ने पर विभिन्न रोगों के और 14 विशेषज्ञों की जरूरत होगी। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
स्टाफ बढ़ाने के लिए शासन को लिखा पत्र
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि इस समय 30 उपचारिकाओं की तैनाती है। लेकिन 301 बेड पर और 70 उपचारिकाएं तैनात होंगी। पैरामेडिकल स्टाफ इस समय 15 का है। नवीन भवन में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने पर और 15 पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 79 पद बढ़ेंगे। इस मामले में शासन को पत्र लिखा गया है।