श्रावस्ती। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र व महिला थाने के प्रयास से एक वर्ष में 407 परिवार टूटने से बच गए। पुलिस व संभ्रांत लोगों के समझाने पर दंपती मनमुटाव भुलाकर साथ रहने को राजी हुए।
पति-पत्नी के विवाद का सबसे ज्यादा असर उनके बच्चों पर पड़ता है। तमाम प्रयास के बाद भी जब पारिवारिक विवाद का समझौता नहीं हो पाता तो उन्हें स्थानीय थानों व अदालतों में ले जाया जाता है। जिसे पुलिस परिवार परामर्श केंद्र व महिला थाने भेजा जाता है। वर्ष 2023 में ऐसे 407 मामले आए। इसमें से 356 मामले महिला थाना तथा 51 मामले पुलिस परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे। जिनमें पति-पत्नी के मध्य घरेलू कलह, पति व अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न व हिंसा आदि से संबंधित शिकायतें थीं। महिला थानाध्यक्ष अर्चना सिंह, परिवार परामर्श केंद्र की उपनिरीक्षक ऊषा सिंह ने दंपती को आमने-सामने बैठाकर गिला-शिकवा दूर कराया। इसके बाद 407 जोड़ें साथ रहने को राजी हुए।