बहराइच। चहलारी नरेश के नाम से मशहूर बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक स्थल बनाया जा रहा है। करीब 45 करोड़ से बन रहे इस स्मारक स्थल का भूमि पूजन सीएम योगी ने किया था। पीएम मोदी ने इसका वर्चुअल तरीके से शुभारंभ किया था। यहां पर महाराजा सुहेलदेव की 40 फिट ऊंची कांस्य की प्रतिमा लगाई गई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में बहराइच के चित्तौरा झील के तट पर 45 करोड़ की लागत से बन रहा महाराजा सुहेलदेव स्मारक शामिल है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस स्मारक के निर्माण पर नजर बनाए हुए हैं। इतिहास के अनुसार कि 11वीं शताब्दी में विदेशी आक्रांताओं के हमले नेपाल सीमा से सटे राज्यों में तेजी से बढ़ रहे थे। तब अवध के बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव ने इनका मुकाबला करते हुए वीरगति प्राप्त की थी।
उनकी शौर्यगाथा को पूरे देश में प्रचारित करने के साथ केंद्र सरकार ने अब उसे वैश्विक पटल पर पर्यटन स्थल के रूप में स्थान दिलाने का काम किया है। वर्ष 2021 में बसंत पंचमी के अवसर पर 16 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक का शिलान्यास किया था। यहां पर पुराने मंदिर के बगल में भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें संगमरमर की प्रतिमा लगाई जा रही है। एक मीटिंग हाल, गेस्ट हाउस, पक्का घाट का निर्माण भी हो चुका है।
84 बीघा जमीन पयागपुर राज परिवार ने दी है दान
महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल निर्माण के लिए महाराजा सुहेलदेव स्मृति न्यास समिति का गठन किया गया है। पयागपुर राज परिवार के राजा यशवेंद्र बिक्रम सिंह ने 84 बीघा भूमि सरकार को उपलब्ध कराई। डीएम समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में राजा यशवेंद्र बिक्रम सिंह आजीवन उपाध्यक्ष हैं। श्री सुहेलदेव स्मारक समिति का गठन स्वर्गीय राजा बीरेंद्र बिक्रम सिंह ने किया गया था। (संवाद)
यह रहेंगे प्रमुख आकर्षण
- मुख्य द्वार एवं बाउंड्री
- महाराजा सुहेलदेव की विशाल प्रतिमा
- नवग्रही एवं हर्बल गार्डन
- वीआइपी गेस्ट हाउस
- घाट का निर्माण व बोल्डर पिचिंग