बहराइच (ब्यूरो)। मिहींपुरवा विकासखंड क्षेत्र के विद्यालयों का गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने मुआयना किया। इस दौरान स्कूलों में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था मिली।
खंड शिक्षा अधिकारी ने पूरे मामले से बीएसए को अवगत कराया। उन्होंने एक शिक्षक को निलंबित करते हुए पांच शिक्षकों का दिसंबर का वेतन रोक दिया है। साथ ही, लापरवाही बरतने के मामले में तीन अनुदेशकों को संविदा समाप्ति का नोटिस थमाया गया है।
मिहींपुरवा के खंड शिक्षा अधिकारी शोभनाथ यादव ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरी मलमला का निरीक्षण किया। यहां स्कूल बंद मिला, जबकि विद्यालय में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक व तीन अनुदेशक कार्यरत हैं।
इस लापरवाही के मामले में प्रधानाध्यापक हरिशंकर तिवारी को तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया गया है। सहायक अध्यापक सुधीर कुमार यादव का वेतन रोक दिया गया है। वहीं अनुदेशक आरिफा खातून, आरती और राकेश कुमार को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय चौधरी गांव के निरीक्षण में सहायक अध्यापक सुभाषचंद्र विश्वकर्मा नदारद मिले, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक शंभूनाथ की उपस्थिति के बावजूद यहां पर छात्र संख्या 75 के सापेक्ष सिर्फ तीन छात्र उपस्थित थे।
इसके चलते दोनों शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय लालपुर निरीक्षण के समय बंद मिला। इस लापरवाही के मामले में प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार सिंह का भी वेतन रोका गया है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय गोपिया में एमडीएम बनता नहीं मिला।
62 छात्रों के सापेक्ष एक भी छात्र स्कूल में नहीं था। इस पर यहां के प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद वर्मा का वेतन रोका गया है। प्राथमिक विद्यालय जरही के निरीक्षण में भी विद्यालय बंद मिला, जिसके चलते सहायक अध्यापक बृजेश कुमार का वेतन रोका गया है।