बहराइच। प्रदेश में 50 माइक्रान से कम की पॉलिथीन प्रतिबंधित कर दी गई है। 15 जुलाई से आदेश लागू हो गया है। पर, जिले में रविवार को पहले ही दिन आदेश की धज्जियां उड़ती दिखीं।
पालिका प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। सरकारी कार्यक्रम में भी धड़ल्ले से प्लॉस्टिक के गिलास का प्रयोग किया गया।
प्रदूषण को रोकने के लिए 15 जुलाई से पॉलिथीन की बिक्री को पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
सरकार की ओर से पॉलिथीन को प्रतिबंधित किए जाने के साथ ही उसका उपयोग किये जाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर अब 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह माह की सजा दी जा सकेगी। सरकार के कड़े रुख के बाद भी पहले दिन पॉलिथीन की बिक्री धड़ल्ले से होती दिखाई दी।
लोग पॉलिथीन में ही सामान लेकर आते-जाते देखे गए। अस्पताल में आयोजित जन औषधि केंद्र के उद्घाटन में प्लॉस्टिक के गिलास का प्रयोग होता दिखा।
घंटाघर बाजार
घंटाघर बाजार शहर का मुख्य बाजार है। बाजार में प्रतिदिन काफी संख्या में पॉलिथीन में सामान की बिक्री होती है। रविवार को दुकानें बंद होने के बाद भी पॉलिथीन की बिक्री धड़ल्ले से जारी रही। प्रशासन कोई कार्रवाई करने को आगे नहीं आया।
सरकारी कार्यक्रम में उड़ी नियमों की धज्जियां
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्घाटन रविवार को जिला अस्पताल परिसर में हुआ। प्रशासन ने पानी पीने के लिए प्लास्टिक के गिलास मंगाए। सरकारी कार्यक्रम में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। आला अधिकारी इसे देखकर भी अंजान बने रहे।
जागरूकता के लिए हुए नुक्कड़ नाटक
पॉलिथीन को प्रतिबंधित किए जाने के संबंध में अभी तक शासनादेश नहीं मिला है। शासनादेश मिलने के बाद ही कार्रवाई की दिशा में सही कदम उठाए जा सकते हैं।
लोगों को जागरूक करने के लिए रविवार को कुछ स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए। सोमवार से बाजार में कार्रवाई के लिए टीमें भी निकलेंगी।
-पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी