रुपईडीहा (बहराइच)। रुपईडीहा में संचालित एक लोकवाणी केंद्र पर अवैध तरीके से नेपाली नागरिकों को भारत का निवासी दिखाकर उनका आधारकार्ड और पैन कार्ड बनाया जा रहा था। सूचना मिलने पर गुरुवार देर रात पुलिस ने छापेमारीकर भारी मात्रा में निर्मित आधार व पैन कार्ड को बरामद किया। इसके साथ ही एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। केंद्र को सीज कर दिया गया है। लोकवाणी केंद्र संचालक समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रुपईडीहा कस्बे में संचालित कुछ लोकवाणी केंद्रों पर अवैध तरीके से नेपाल के नागरिकों को भारत का निवासी दर्शाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनाने का खेल चल रहा था। इसकी शिकायत कई बार डीएम और एसपी से हुई। इस पर पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि सप्ताह भर पड़ताल के बाद बाजार में स्थित असद अहमद की ओर से संचालित लोकवाणी केंद्र पर नेपाल के नागरिकों के आधार कार्ड और पैन कार्ड बनने की पुष्टि हुई। इस पर गुरुवार देर रात टीम के साथ छापेमारी की गई। मौके से 500 से अधिक आधार कार्ड, पैन कार्ड, कुछ पासपोर्ट बरामद हुए हैं। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इसके अलावा आधार और पैन में प्रयुक्त होने वाली मुहर, स्टीकर व स्कैनर भी बरामद हुआ है। एक लैपटॉप हाथ लगा है। जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज फीड मिले हैं। बरामद अभिलेखों और मशीनों को सीज कर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि लोकवाणी केंद्र को सीज कर दिया गया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में असद समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व गलत तरीके से पहचान पत्र बनाने का केस दर्ज किया गया है। आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
बरामद अभिलेखों की कराई जा रही जांच
थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि लोकवाणी केंद्र से बरामद महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच के लिए एक्सपर्ट को बुलाया गया है। जांच के बाद ही सही तरीके से स्पष्ट हो सकेगा कि किस तरह से फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार होता था।
साल भर से चल रहा था धंधा
सीमा पर फर्जी तरीके से भारतीय नागरिकता जारी करने के लिए अवैध तरीके से आधार, पैन कार्ड तथा पासपोर्ट बनाने का धंधा चल रहा था। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच में भी हुई है।
सेवानिवृत्त गोरखा रेजीमेंट के जवानों के भी मिले कार्ड
थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि जो अभिलेख और कार्ड बरामद हुए हैं। उनमें सेवानिवृत्त गोरखा रेजीमेंट के जवानों व हवलदारों के भी आधार कार्ड और पैन कार्ड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह जवान भारतीय सीमा में भर्ती थे। अब रिटायर हुए हैं। पेंशन के लिए उन्हें आधार कार्ड की जरूरत थी। ऐसे में कई जवानों के फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने का पता चल रहा है। जांच की जा रही है।