पर्यटकों ने कतर्नियाघाट में मनाया जश्न
बिछिया (बहराइच)। नए साल के पहले दिन मंगलवार को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पर्यटकों से गुलजार रहा। छात्र-छात्राओं ने भी नव वर्ष के पहले दिन का जश्न मनाया। मंगलवार को करीब ढाई हजार पर्यटक पहुंचे।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में क्रिसमस के बाद से ही पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी थी। लेकिन मंगलवार को नव वर्ष के आगमन का पहला दिन विशेष अवसर था।
साल के पहले दिन को हंसीखुशी मनाने के लिए बहराइच के अलावा पड़ोसी जनपद लखीमपुर खीरी, पड़ोसी राष्ट्र नेपाल, सीतापुर व अन्य क्षेत्रों के लोग कतर्नियाघाट पहुंचे।
नव वर्ष के पहले दिन पर्यटक सिर्फ गेरुआ सफारी क्षेत्र में पैदल भ्रमण ही कर सके। जंगल के बीच गेरुआ नदी में बोटिंग की व्यवस्था पर पहले दिन प्रतिबंध रहा।
हथिनी जयमाला और चंपाकली भी पर्यटकों के सैर-सपाटे के लिए उपलब्ध नहीं कराई गईं। इससे पर्यटकों को काफी निराशा हुई।
नव वर्ष के पहले दिन लखीमपुर खीरी के गोला में संचालित इंडियन हेरिटेज एकेडमी के प्रबंधक मोहित कनौजिया, प्रधानाचार्य शबाना परवीन, उमा सोनी 30 छात्र-छात्राओं के साथ भ्रमण पर कतर्निया पहुंचे थे।
इसके अतिरिक्त लखनऊ, दिल्ली, बाराबंकी आदि स्थानों से ऑनलाइन बुकिंग कराकर आए पर्यटक भी बोटिंग और हाथी की सवारी की बंदिश के कारण निराश रहे।
सुरक्षा के मद्देनजर बोटिंग पर रही रोक
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में हाल ही में शिकारियों के पकड़े जाने के कारण अलर्ट है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर पहले दिन सख्ती रही। इस कारण बोटिंग और हाथी की सवारी पर प्रतिबंध रहा। आम दिन में पर्यटकों के भ्रमण के लिए सारी सुविधाएं रहती हैं।
-पीयूष मोहन श्रीवास्तव, रेंजर कतर्नियाघाट