बहराइच। प्रदेश सरकार घोटालों पर सख्त है। लेकिन घोटाले हैं कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। हुजूरपुर का ताजपुर गांव ऐसा है, जहां अरसा पूर्व दम तोड़ चुके 10 से अधिक ग्रामीणों को निरंतर विधवा और वृद्धा पेंशन का भुगतान हो रहा है। इनमें किसी की मौत को दो वर्ष बीत गए हैं तो किसी को साल भर। लेकिन खाते में पेंशन पहुंच रही है। आहरित भी हो रही है। जुलाई माह में सत्यापन हुआ, तब भी समाज कल्याण विभाग को मृतकों के नाम का पता नहीं चला। अब मामला खुला है, तब हड़कंप मचा है। समाज कल्याण विभाग इसे तकनीकी खामी बता रहा है। रिकवरी करवाने की बात कही जा रही है।
प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति, पेंशन व अन्य घोटालों को रोकने के लिए नित नए तरीके अपना रही है। नए सिरे से जांच भी हुई। पेंशन के सत्यापन के लिए जुलाई माह में गांव-गांव टीमें भेजी गईं। लेकिन हुजूरपुर विकास खंड के ताजपुर ग्राम में मृतकों के नाम पहुंच रही पेंशन सत्यापन अधिकारियों को नहीं दिखी। इसका नतीजा यह है कि तीन दिन पूर्व पुन: मुर्दों के नाम से खुले खाते में डेढ़ साल से लंबित पेंशन की राशि लगभग 5300 रुपया अंकित की गई। यह सिर्फ एक मृतक पेंशनधारक के नाम राशि नहीं बल्कि 10 से अधिक मृतक पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्हें पेंशन का भुगतान किया गया। इनमें एक ग्राम पंचायत प्रतिनिधि के पिता भी शामिल हैं। जिनकी एक साल पूर्व मौत हो चुकी है। पंचायत प्रतिनिधि ने भी पिता के मौत की सूचना नहीं दी। जिसके चलते निरंतर पेंशन का भुगतान हो रहा है। जिन 10 से अधिक मृतकों को पेंशन मिल रही है। ऐसे में न सिर्फ विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहा है। बल्कि सत्यापन करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ रही है।
इन मृतकों को मिल रही पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन में ताजपुर निवासी बाउर, जुनारा, महावीर व विधवा पेंशन में बदरुनिशा, सुरैया बेगम, पूसू आदि के नाम शामिल हैं। इसके अलावा विकलांगता व अन्य योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर अपात्रों के नाम पेंशन सूची में शामिल हैं। जिन्हें पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
गांव के 80 से अधिक ग्रामीण ऐसे हैं। जिन्हें पात्रता के बावजूद वृद्धा, विधवा पेंशन नहीं मिल रहा है। परेशान गांव निवासी एक वृद्ध के पुत्र रामबहादुर और साकिर ने जब पेंशन सूची निकलवाई तो पता चला कि जिनकी मौत अरसा पूर्व हो चुकी है। उन्हें पेंशन का भुगतान हो रहा है। इस पर सभी सकते में आए। इस मामले में ग्रामीणों नेे हस्ताक्षरित पत्र भी समाज कल्याण अधिकारी को भेजा है।
सत्यापन में कहां हुई चूक कराएंगे जांच, होगी रिकवरी
जुलाई माह में पेंशन पाने वालों का सत्यापन कराया गया था। कुछ मृतकों के नाम काटे गए थे। लेकिन ताजपुर गांव में मृतकों की सूची कैसे रह गए, इसकी जांच कराएंगे। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई कराएंगे। इसके साथ ही पेंशन ाशि की रिकवरी होगी। अगर किसी मृतक के परिवारीजन ने पेंशन की धनराशि निकाली होगी, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -डीके सिंह, समाज कल्याण अधिकारी