बहराइच। थाना कोतवाली देहात निवासी एक नाबालिग बेटे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो ने शुक्रवार को दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता पाॅक्सो संत प्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो संतोष सिंह ने बताया कि कोतवाली देहात के एक गांव निवासी महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका 12 वर्षीय बेटा सात अप्रैल, 2020 को करीब 11 बजे घर से निकलकर चिलवरिया चीनी मिल के सामने एक होटल पर गया था। वहां काम करने वाले कोतवाली देहात के चिलवरिया गांव निवासी राजकुमार उनके नाबालिग बेटे के साथ जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
कोतवाली देहात की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचनाधिकारी उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्र ने पीड़ित का बयान व घटनास्थल का नजरी नक्शा तैयार कर अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र सक्षम न्यायालय को सौंपा था।विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट ने राजकुमार को दोष सिद्ध करते हुए धारा-377 में 10 वर्ष व 10 हजार का अर्थदंड और बालकों का सरंक्षण अधिनियम के तहत 20 वर्ष का कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि न अदा करने पर दोषी को प्रत्येक अपराध में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।