बहराइच/पयागपुर। जनसुनवाई व मौके पर मामलों के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाले तहसील दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
मंगलवार को जिले की सभी तहसील परिसरों में तहसील दिवस का आयोजन हुआ। इस दौरान राजस्व, पंचायत आदि विभागों से जुड़े 466 मामले प्रस्तुत हुए। लेकिन महज 20 मामलों का मौके पर निस्तारण हो सका। 446 मामलों में आवेदकों को निराशा हाथ लगी।
तहसील सदर में आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता एडीएम विद्याशंकर सिंह ने की। इस मौके पर कोरियनपुरवा के जंगली प्रसाद ने अपराध, डीहा के मोहम्मद आरिफ ने सफाई कर्मी के कार्यो की जॉच, गुलामअलीपुरा के संगम लाल ने नाली निर्माण, किला बाजार की किरन देवी ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराये जाने, गोविंदापुर के कीर्तन लाल ने नहर में गयी भूमि का मुआवजा दिलाये जाने तथा बख्शीपुरा से आए लोगों ने प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की।
यहां 20 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से महज दो का निस्तारण हो सका। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद भूषण पांडेय, जिला विकास अधिकारी एसएन श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसी प्रकार तहसील नानपारा में उप जिलाधिकारी अमिताभ यादव की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 72 मामले प्रस्तुत हुए। जिसमें 3 मामलों का निस्तारण किया गया।
महसी में तहसीलदार नगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 47 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, इसमें से 8 का निस्तारण किया गया। कैसरगंज में उप जिलाधिकारी जेपी सिंह ने की अध्यक्षता की।
इस दौरान 73 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें से 5 का निस्तारण किया गया। इसी तरह नवसृजित तहसील पयागपुर में तहसीलदार शिव ध्यान पांडेय ने तहसील दिवस की अध्यक्षता की।
इस दौरान कुल 254 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए। मौके पर 2 मामलों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र नाथ द्विवेदी, प्रभारी खंड विकास अधिकारी शोभाराम मिश्र, डॉ. एनबी जायसवाल आदि मौजूद रहे।