बैंकों के निजीकरण के विरोध तथा अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को जिलेभर की बैंक शाखाओं में कर्मचारियों ने हड़ताल की। इसके चलते कामकाज ठप रहा और बैंकों में ताला लटकता रहा। ग्राहक बैंक पहुंचे तो बैंक में ताला लटकता देखकर वापस लौटने को विवश हो गए।
बैंक शाखाओं पर काम नहीं होने से करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हड़ताल पर रहे बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने सभा करने के बाद प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को भेजा।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और ऑल इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले भर की बैंक शाखाओं पर ताले लटकते रहे।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व मंत्री कृष्णकांत अवस्थी की अगुवाई में बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा के गेट पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई सभा में अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि लंबे समय से बैंक यूनियन की मांगें लंबित हैं।
वहीं सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को सुदृढ़ करने से किनारा कस रही है तथा सहयोगी बैंकों के विलय पर जोर दिया जा रहा है। यह गलत कदम है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इसके बाद पदाधिकारियों ने ज्ञापन प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को भेजा।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि बैंकों की बंदी के चलते करीब 20 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। उधर बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को बंदी के चलते बैरंग वापस लौटना पड़ी। प्रदर्शन में एबी थापा, किशोर कुमार, शिवा जी जायसवाल, लाल जी जायसवाल, अनिल, प्रीतम आदि मौजूद रहे।