जिला अस्पताल का अस्तित्व खत्म होने के बाद अब सिविल अस्पताल की स्थापना की कवायद शुरू हो गई है। मरीजों को इलाज में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पुराने अस्पताल परिसर में स्थित तीन स्थानों को सिविल अस्पताल की स्थापना के लिए चिन्हित किया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
एमसीआई और अभियंताओं की टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है। अगले सप्ताह टीम के आने के बाद चिन्हित स्थान पर सिविल अस्पताल के निर्माण की मुहर लगेगी। इस पर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रथम चरण में 20 बेड के अस्पताल की स्थापना होगी। जरूरत के मुताबिक बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
जिला अस्पताल को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जिससे अब जिला अस्पताल का अस्तित्व खत्म हो गया है। ऐसे में जिले के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सामान्य रोगियों के इलाज के लिए सिविल अस्पताल की स्थापना की कवायद शुरू कर दी गई है।
चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल के पूर्वी हिस्से में स्थित आईसोलशन और डाइलिसिस यूनिट भवन को सिविल अस्पताल के लिए चिन्हित किया गया है। इसके अलावा हाल ही में निर्मित छह मंजिला नवीन अस्पताल भवन के फर्स्ट फ्लोर पर सिविल अस्पताल की स्थापना का भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 20 बेड के अस्पताल की स्थापना होगी। जरूरत के मुताबिक बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल की स्थापना के लिए चिन्हित स्थान का चयन इसी सप्ताह आने वाली एमसीआई और अभियंताओं की टीम करेगी। टीम की मुहर लगने के बाद अस्पताल स्थापना की कवायद शुरू कर दी जाएगी।