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मेडिकल कॉलेज के निर्माण में धांधली लीड माईसिटी प्रथम पृष्ठ हेतु

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बहराइच। जिले में मेडिकल कॉलेज का घटिया निर्माण हो रहा है। मानकों को नजरंदाज कर कार्य कराया जा रहा है। गुरुवार को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक के साथ सांसद ने मुआयना किया तो निर्माण कार्यों में धांधली की कलई खुल गई। मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण में पीले ईंटों का प्रयोग होता मिला।
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मौरंग और गिट्टी की गुणवत्ता भी घटिया क्वालिटी की थी। इस पर सांसद बिफर पड़ीं। उन्होंने कहा कि पूरे निर्माण कार्यों की जांच होगी। पीले ईंटों का जहां प्रयोग मिलेगा, भवन ढहाया जाएगा। संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने की भी कार्रवाई करवाई जाएगी।

शहर के कृषि विज्ञान केंद्र की 10.5 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के लिए 189 करोड़ 16 लाख 66 हजार का बजट शासन ने जारी किया है।
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निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लखनऊ को सौंपी गई है। लेकिन निर्माण निगम ने बहराइच में मेडिकल कॉलेज बनाने की जिम्मेदारी नोएडा की कंपनी यूनिवर्सल कांट्रक्टर को सौंपी है।

वर्ष 2017 के सितंबर से निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। मार्च 2019 में कार्य पूरा होना है। लगभग आधे मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण हो चुका है।

इस बीच निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग होने की सूचना सांसद सावित्री बाई फुले को मिली। उन्होंने गुरुवार दोपहर में निर्माण निगम के जीएम सत्यवीर सिंह के साथ निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का मुआयना किया।

परिसर में पीले ईंट के ढेर लगे मिले। मौरंग और गिट्टी भी घटिया क्वालिटी की मिली। इस पर सांसद बिफर पड़ीं। कहा कि मानक विहीन निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पत्र सौंपेंगी। तकनीकी दल द्वारा जांच करा कर घटिया निर्माण ढहाया जाएगा। नया निर्माण अव्वल ईंटों से करवाना होगा। अन्यथा कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।

बनारस के ओवरब्रिज जैसा नहीं होगा निर्माण
सांसद ने कहा कि जिस तरह मेडिकल कॉलेज का निर्माण घटिया सामग्री से हो रहा हैै। उसे तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए वह शुक्रवार को दिल्ली जाएंगी।

अगर इसी तरह निर्माण हुआ तो बनारस के ओवरब्रिज की तरह ही मेडिकल कॉलेज भी कभी भी धराशाई हो जाएगा। सांसद ने कहा कि कंपनी द्वारा निरंतर मानकों की अनदेखी की जा रही हैै। माह भर पहले भी निर्माण के लिए 24 हजार पीली ईंट मंगवाई गई थी, जिन्हें वापस करवाया गया था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने किया था शिलान्यास
15 नवंबर 2016 को आचार संहिता लगने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। इसके बाद से काम ने रफ्तार पकड़ी थी।
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