बरसात के बाद कटान पीड़ितों का होगा पुनर्वास : डीएम
- आश्वासन मिलने पर पीड़ितों ने ली राहत की सांस
बहराइच। महसी के बेलहा-बेहरौली तटबंध पर झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहे चार हजार कटान पीड़ितों में सिंचाई विभाग का नोटिस मिलने से हड़कंप मचा था। कटान पीड़ित पेशी के लिए प्रतिदिन सिंचाई कार्यालय दौड़ रहे हैं। इस मामले में सोमवार को कटान पीड़ितों ने डीएम से मुलाकात की तो उन्होंने बरसात तक सभी को मोहलत दी। कहा कि, अक्तूबर में जमीन की व्यवस्था करके बसाएंगे। जिसके बाद तटबंध छोड़ना पड़ेगा। इससे कटान पीड़ितों ने राहत की सांस ली है।
महसी के बेलहा-बेहरौली तटबंध पर दशकों से बाढ़ व कटान पीड़ित झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। इन परिवारों का घर-द्वार घाघरा की कटान में समा चुका है। विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे कटान पीड़ितों को पखवारे भर पूर्व सरयू नहर ड्रेनेज खंड प्रथम की ओर से नोटिस जारी किया गया था। जिसमें सभी को तटबंध से हटने का फरमान सुनाया गया था। इस नोटिस के साथ ही सिंचाई कार्यालय में मुकदमा शुरू हो गया। निरंतर पेशी हो रही थी। इस पर कटान पीड़ित बौंडी और सिलौटा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान धर्मराज की अगुवाई में सोमवार को डीएम अजयदीप सिंह से मुलाकात की। उन्हें समस्या से अवगत कराया। कहा कि जमीन है ही नहीं, कहां गुजर-बसर करें। इस पर डीएम ने अक्तूबर तक सभी को तटबंध पर झोपड़ियों में रहने की अनुमति दे दी। डीएम ने कहा कि, बरसात के बाद जमीन मुहैया कराकर सभी को बसाया जाएगा। इस पर कटान पीड़ितों ने राहत की सांस ली। डीएम से मुलाकात करने वालों में रूपनारायण, रामसागर, रामू, रामसमुझ, लल्लू, बराती, सतलुज, गरीबे, शंकर आदि शामिल रहे।