एसीएमओ जेएन मिश्रा के बुबकापुर स्थित फार्म हाउस से 19 और गायें रात में मिनी ट्रक द्वारा राजकीय गौशाला बिछिया भेजी गई। लेकिन एक गाय की रास्ते में ही मिनी ट्रक में मौत हो गई। सुबह पोस्टमार्टम के बाद उसको दफनाया गया।
वहीं राजकीय गौशाला में पहुंची गायों को रखने की अब तक समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। सभी गायें पेड़ों के नीचे बंधी हुई हैं। एसीएमओ के फार्म हाउस पर अवैध तरीके से दवा फैक्ट्री और गौशाला संचालन होता मिला था। 45 गायें जिंदा मिली थीं।
जबकि कई गायों के कंकाल कब्र से बरामद हुए थे। जिंदा मिली गायों को जिला प्रशासन ने राजकीय गौशाला बिछिया स्थानांतरित करने की रूपरेखा तैयार की थी। उसके तहत पहले चरण में सोमवार रात 22 गायों को मिनी ट्रक द्वारा बिछिया भेजा गया।
उनमें से दो गायों की बिछिया पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई। इसके चलते क्षेत्र के लोगों ने जमकर हंगामा काटा था। प्रदर्शन भी हुआ था। एसडीएम ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया था। मंगलवार रात और 19 गायें मिनी ट्रक द्वारा बिछिया भेजी गईं।
भोर में गायों को लेकर पहुंचे ट्रक से जब गौशाला में गायें उतारी जा रही थीं तो एक गाय मृत हालत में मिली। सूचना पाकर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालांकि हंगामे की स्थिति नहीं बनी।
पशु चिकित्सक डॉ. अमरनाथ ने पोस्टमार्टम के बाद गाय के शव को दफना दिया। गौरतलब हो कि अब तक 38 गायें राजकीय गौशाला बिछिया में पहुंच चुकी हैं। लेकिन वहां पर प्रशासन की ओर से गायों के चारे आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।