बहराइच। शहर में जाम की समस्या नासूर बन गई है। सोमवार को भीषण गर्मी के बीच शहर जाम से जूझता दिखा। घर और दफ्तर से निकले लोग चिलचिलाती दोपहरी में जाम में फंसकर बेहाल दिखे।
केडीसी रोड और डिगिहा तिराहे के साथ सिविल लाइन क्षेत्र में जाम में फंसे लोग पसीना-पसीना नजर आए। सुबह 11 बजे से दो बजे तक रह-रह कर जाम लगता रहा।
इसके कारण चौक चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मी भी हांफते दिखे। दोपहर बाद यातायात सामान्य हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर में जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। सोमवार सुबह सामान्य दिनों की तरह शहर की सड़कों पर आवागमन शुरू हुआ। 10 बजे से शहर के पानी टंकी चौराहा, केडीसी रोड, अस्पताल चौराहा, डिगिहा तिराहा, छावनी चौराहा, चांदपुरा चौराहा, पीपल चौराहा और तिकोनीबाग चौराहे पर जाम लगने लगा।
11 बजे तक वाहनों की कतारें लग गयीं। केडीसी रोड पर परिवहन निगम की बसें और भारी वाहन भी जाम में फंस गए। लखनऊ से आने और जाने वाले वाहनों की भी कतारें लगी रहीं।
चौराहे पर तैनात यातायात पुलिस कर्मी जाम हटवाने के लिए हांफते नजर आए। यह स्थिति शहर के मार्गों पर दोपहर एक बजे तक रही।
इस दौरान जाम में फंसे लोग चिलचिलाती धूप में बेहाल दिखे। सभी व्यवस्था को कोसते दिख रहे थे। दोपहर बाद जाम खत्म होने के बाद शहर की सड़कों पर यातायात सामान्य हो सका।
अतिक्रमण से लग रहा जाम
शहर के मुख्य मार्ग की पटरियों तक अतिक्रमण है। ऐसे में सड़क से वाहन नीचे उतारना मुश्किल होता है। पैदल, बाइक और साइकिल सवार भी सड़क पर ही चलते हैं। इस कारण जाम की समस्या शहर में उत्पन्न होती है।
संसाधनों का भी है अभाव
शहर के यातायात को नियंत्रित करने के लिए यातायात विभाग के पास ट्रैफिक इंचार्ज एक, हेड कांस्टेबल दो, कांस्टेबल पांच और एक जीप है। शहर के चौराहों की संख्या 18 है। ऐसे में महकमे के कर्मचारी हांफते नजर आते हैं।
होमगार्डों का लिया जा रहा सहयोग
यातायात विभाग के पास जो भी व्यवस्थाएं हैं, उनसे काम चलाया जा रहा है। चौक चौराहों पर होमगार्डों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाती है।
इस समय चुनाव का दौर है। ऐसे में बाहर से भी लोग आते-जाते रहते हैं, जिससे भीड़ बढ़ी है। लोगों को दिक्कत न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, पुलिस अधीक्षक