रिसियामोड़ (बहराइच)। रिसिया कस्बे में स्थित दो स्कूलों का शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जूनियर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका जोड़ और गुणा के सवाल नहीं लगा पाईं। सामान्य प्रश्नों के उत्तर भी नहीं दे पाईं। इस पर बीएसए बिफर पड़े। छात्र भी पढ़ाई में फिसड्डी मिले। स्कूल की साफ-सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं थी। बीएसए ने तीन दिन में व्यवस्थाएं सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चेतावनी दी। खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा व्यवस्था पर नजर रखने को कहा है। देर शाम बीएसए ने दो प्रधानाध्यिापकाओं को सस्पेंड कर दिया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह शनिवार सुबह जिलाधिकारी के चौपाल कार्यक्रम के बाद रिसिया कस्बे के मोहल्ला नानकपुरा में स्थित कन्या जूनियर विद्यालय द्वितीय में पहुंच गए। यहां पर प्रधानाध्यापिका मंजू यादव मिलीं। साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल थी। बीएसए ने स्कूल में मौजूद छात्र-छात्राओं से गणित, इतिहास और भूगोल के सवाल पूछे। 98 फीसदी सवालों के जवाब छात्र नहीं दे पाए। इस पर बीएसए ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति जांचने के लिए ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखा। प्रधानाध्यापिका मंजू यादव को हल करने को कहा। प्रधानाध्यापिका को .5 को 15 से गुणा करना था। साथ ही 1/8 व 1/8 को जोड़ना था। लेकिन दोनों सवाल प्रधानाध्यापिका नहीं लगा सकीं। अन्य कई प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाईं। इस पर बीएसए बिफर पड़े। कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद बीएसए शास्त्री नगर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां प्रधानाचार्या सबिस्ता अंजुम गैरहाजिर मिलीं। शिक्षिक ज्योति चौबे उपस्थित थीं। लेकिन सिर्फ पांच बच्चे मौके पर मौजूद थे। सफाई व्यवस्था भी गड़बड़ थी। इस पर बीएसए बिफरे। बीएसए ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी सत्यप्रकाश को विद्यालयों का भ्रमण करने और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के निर्देश दिए गए हैं।