बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। कटान भी तेज हो गयी है। नदी ने कटान करते हुए भिरगूपुरवा गांव को निशाने पर ले लिया है। लहरें ग्रामीणों के मकान पर थपेड़े ले रही हैं। कटान की दहशत के चलते 180 परिवारों ने अपने आशियाने उजाड़ दिए हैं। तीन मकान सुबह नदी की भेंट चढ़ गए। 90 बीघा जमीन भी कटी है। सूचना के बावजूद राहत व बचाव कार्य शून्य हैं।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। मंगलवार सुबह तक नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ा। हालांकि दोपहर में जलस्तर स्थिर हो गया। लेकिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच घाघरा की कटान तेज हो गई है।
मंगलवार को नदी ने कैसरगंज तहसील के भिरगूपुरवा गांव को निशाने पर ले लिया है। गांव को दो तरफ से नदी काट रही है। इसके चलते ग्रामीणों में हड़कंप है। इस गांव में 300 परिवार थे। इनमें से कटान की दहशत के चलते 180 परिवारों ने अपने आशियाने उजाड़ दिए हैं। सभी सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
गांव निवासी राजकुमार, रामलाल और जगदीश के मकान को नदी की लहरों ने लील लिया। जबकि अन्य ग्रामीणों के मकानों पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं। इसके साथ ही बिरजा पकड़यिा, ग्यारह सौ रेती, रोहितपुरवा, गोड़ियनपुरवा, चंद्रदेवपुरवा और महावीरपुरवा के पास भी नदी तेज कटान कर रही है।
90 बीघा खेती योग्य जमीन सुबह से दोपहर तक कटान की भेंट चढ़ी है। कटान की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है, लेकिन अभी तक कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। उधर, उपजिलाधिकारी रामजीत मौर्य का कहना है कि राजस्वकर्मी गांव में कैंप कर रहे हैं। कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
आदमपुर रेवली तटबंध का मुआयना कर एसडीएम ने दिए निर्देश
कैसरगंज। उपजिलाधिकारी रामजीत मौर्य ने मंगलवार को सुबह आदमपुर रेवली तटबंध का निरीक्षण कर तटबंध की स्थिति जांची। कई जगह तटबंध जर्जर हालत में मिला। उसे दुरुस्त करने के निर्देश सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिकारियों को दिया। उपजिलाधिकारी ने कहा कि तटबंध में रेनकट और रेटहोल अधिक होने से बाढ़ के समय रिसाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बाढ़ से पूर्व सभी रेनकट और रेटहोल दुरुस्त कर लिए जाएं। इस मौके पर तहसीलदार विनीत कुमार सिंह व राजस्वकर्मी मौजूद रहे। तटबंध की रिपोर्टिंग के लिए एसडीएम ने लेखपालों की टीम गठित कर निगरानी के भी निर्देश दिए हैं।