रुपईडीहा रोडवेज बस अड्डे की कार्यशाला में खड़ी बसें।
बहराइच। परिवहन निगम मुख्यालय की ओर से जिले के रूपईडीहा रोडवेज बस अड्डे पर 50 बसों की खेप सौंपी थी। यह बसें बस अड्डे से यात्रियों की मांग के सापेक्ष विभिन्न मार्गो पर संचालित की जानी थीं, लेकिन रूपईडीहा डिपो में चालक व परिचालक के आभाव में मौजूदा समय महज 32 बसों का ही संचालन किया जा रहा है।
निगम की करीब 18 बसें रोडवेज परिसर के कार्यशाला में खड़ी धूल फांक रहीं हैं। इससे करीब साढ़े तीन लाख से अधिक राजस्व का हर दिन विभाग को नुकसान हो रहा है।
जिले के सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा स्थित रोडवेज बस अड्डे का उद्घाटन माह दिसंबर 2022 में हुआ था। उद्घाटन करने आए प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान नेपाल सीमा से सटे हो के चलते रोडवेज बस अड्डे को हाईटेक बनाने की बात कही थी, लेकिन उद्घाटन काल से ही रोडवेज बस अड्डा तमाम असुविधाओं से जूझ रहा है। उद्घाटन के दौरान बस अड्डे से 15 बसों का संचालन दिल्ली, हरिद्वार, वाराणसी आदि मार्गो पर किया गया था। धीरे-धीरे बसों की संख्या में इजाफा होता हुआ रोडवेज बस अड्डे के बेड़े में 50 बसें तो शामिल हो गई, लेकिन इन बसों के संचालन की व्यवस्था में निगम मुख्यालय प्रशासन फिसड्डी साबित रहा।
हालात यह है कि रूपईडीहा रोडवेज प्रशासन 50 बसों के सापेक्ष हांफते हुए बमुश्किल 32 बसों का ही संचालन करा पा रहा है। चालक व परिचालकों के आभाव में करीब 18 बसें रोडवेज बस अड्डे के कार्यशाला में खड़ी धूल फांक रही है।
इससे न केवल प्रतिदिन निगम को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि यात्रियों को भी आवागमन में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।