केरल में हो रही हिंसा के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन
- सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को केरल में हो रही हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सरकार को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि केरल में वामपंथियों की ओर से लगातार हिंसा की जा रही है। राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों की निर्मम हत्या की जा रही है। केरल सरकार के मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ही 69 राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। लोगों को सार्वजनिक रूप से धमकाकर लोकतांत्रिक व राजनीतिक गतिविधियों से रोकने और अपनी विचारधारा को जबरदस्ती समर्थन देने का दबाव बनाया जा रहा है। इन सभी मामलों को देखते हुए तत्काल केरल सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन मंत्री शुभम, जिला संयोजक रजत, नगर मंत्री विवेक, आदर्श आदि मौजूद रहे।
(संक्षेप)
नियमों को दरकिनार कर मांगा जा रहा अनुभव
बहराइच। सिंचाई ठेकेदार समिति ने अधीक्षण अभियंता नवम मंडल सिंचाई कार्य के द्वारा निकाली गई निविदा में कार्य की लागत का 80 फीसदी अनुभव मांगे जाने पर आक्रोश जताया है। संघ के राकेश पांडेय, विनय कुमार सिंह, जमाल अहमद, शमसुद्दीन खां, पीके सिंह, मजीद अहमद आदि ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा है कि निविदा निकालते हुए विभाग ने नियमों को दरकिनार कर दिया है। जबकि परियोजना के तहत बाढ़ कार्य खंड गोंडा में निविदा निकाली गई है। वहां अनुभव की कोई मांग नहीं की गई है। ठेकेदारों ने कहा कि अनुभव मांगने के कारण ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकेगी। किसी भी कार्य में 80 फीसदी तक अनुभव की मांग नहीं की जाती है।