बहराइच। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में धांधली की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मनरेगा लोकपाल ने बीते वर्ष नवंबर माह में जांच की थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब जिम्मेदारों से एक करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक की वसूली की तैयारी की जा रही है।
जिले में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों में अनियमितता और निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायतें लोकपाल को मिली थीं। इस पर लोकपाल उमेश कुमार तिवारी ने विभिन्न स्थानों पर जांच अभियान चलाया था। जांच के दौरान कई प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।
जरवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद में ग्रामीण बिलाल अंसारी ने लोकपाल से शिकायत की थी कि मिट्टी पटाई के पुराने कार्य को दिखाकर एक से अधिक बार भुगतान कराया गया है। जांच में सामने आया कि यह कार्य वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराया गया था, जिसका भुगतान 1,42,837 रुपये ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था। इसके दो वर्ष बाद इसी कार्य का नाम बदलकर वर्ष 2025-26 में खड़ंजा व मिट्टी पटाई दिखाकर 1,39,104 रुपये का पुनः भुगतान करा लिया गया। यह सिर्फ बानगी भर है इसी तरह कैसरगंज, फखरपुर और महसी तथा चित्तौरा ब्लॉक में एक करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक के धांधली के मामले सामने आए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अब तक जिम्मेदारों से वसूली की कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब प्रशासन ने संबंधितों से वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
नोटिस जारी कर होगी रिकवरी
लोकपाल की जांच के आधार पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाएगी। साथ ही मामले की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं न हो सकें। -अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी, बहराइच।