उर्रा (बहराइच)। हरखापुर गांव में रविवार को झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने बालक व युवक पर हमला कर दिया था। लोगों ने हांका लगाते हुए मशाल जलाई, जिस पर तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। हमले को लेकर ग्रामीण नाराज दिखे। इसे देखते हुए वन विभाग ने खाबड़ लगाने के साथ पिंजड़ा लगाया है, लेकिन पिंजड़े में तेंदुआ नहीं कैद हुआ। वहीं, हमले को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग की टीम निरंतर गांव में गश्त कर रही है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के धर्मापुर रेंज अंतर्गत हरखापुर ग्राम पंचायत के खुटेहना फार्म निवासी गुरुजिंदर सिंह (30) पुत्र केहर सिंह तथा त्रिमुहानी गांव निवासी मनोज (10) पुत्र बूंदेलाल पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया, इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोगों ने किसी तरह तेंदुए को खदेड़ा।
धर्मापुर रेंज कार्यालय पर तेंदुए के हमले की सूचना दी गई। तेंदुए के हमले में घायल दोनों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में भर्ती कराया गया। यहां पर देर शाम इलाज के बाद दोनों को घर भेज दिया गया। लगातार हो रहे हमले को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए एसडीओ यशवंत सिंह, मुर्तिहा, धर्मापुर व सुजौली के वन विभाग की टीम के साथ कोतवाल श्याम सरोज गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।
उधर, तेंदुए के बढ़ रहे हमले व ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए डीएफओ जीपी सिंह ने खेत के निकट खाबड़ लगवा दिया। इसके बाद ग्रामीण के खेत में पिंजड़ा लगवाकर उसमें बकरी बंधवा दी, लेकिन 24 घंटे बाद भी तेंदुआ पिंजड़ा में नहीं कैद हुआ। इससे ग्रामीण पुन: हमले को लेकर दहशत में हैं। वहीं, वन विभाग की टीम निरंतर गांव में गश्त कर रही है।