बहराइच। केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों एवं अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ के पूर्व घोषित आंदोलन के तहत बुधवार को दूसरे दिन भी जिले के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
इससे कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर एकत्रित हो नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। दोपहर बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
सभी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर उनकी लंबित समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता तो आंदोलन थमने वाला नहीं। कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर ट्रेड यूनियनों की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता यूपी एमएसआरए संगठन के अध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव ने की।
संचालन फिरोज ईसा सिद्दीकी ने किया। दोनों नेताओं की अगुवाई में एकत्रित कर्मचारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए सरकारों पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया।
आंदोलन में बिजली विभाग, आंगनबाड़ी, मेडिकल एवं सेल्स रिप्रजेंटेटिव व सीपीआई के सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आद्याशंकर सिंह ने कहा कि सरकार की कर्मचारी और श्रमिक विरोधी नीतियां देश के विकास में बाधक हैं। पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जा रही है। जबकि अरसे से आवाज उठाई जा रही है।
बेरोजगारों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे चंद रुपयों पर काम कराया जा रहा है। जबकि न्यूनतम वेतन 18 हजार होना चाहिए।
सभा को फेडरेशन आफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष फिरोज ईसा सिद्दीकी, महामंत्री लक्ष्मन किशोर मेहरोत्रा, प्रमोद, प्रद्युम्न, बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी ने संबोधित किया।
उधर, अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरीगेशन के जिलाध्यक्ष रामकुमार तथा चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार की अगुवाई में कर्मचारियों ने कल्पीपारा झंडेवाला पार्क में सभा कर ज्ञापन सौंपा। सभा को जिला सचिव अनिल द्विवेदी, मंडल सचिव राजू, संगठन मंत्री अशोक श्रीवास्तव, अब्दुल जब्बार अंसारी ने संबोधित किया।