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आग की लपटों से 11 मकान जले, गृहस्थी राख

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आग से 11 मकान राख
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दो मवेशी भी जले, 16 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान
खुले में रहने को मजबूर पीड़ित, राजस्वकर्मियों ने किया मुआयना
अमर उजाला ब्यूरो
राजीचौराहा/खैरीघाट। तराई में सूरज की तपिश के बीच आग की लपटें भी कहर बरपा रही हैं। बुधवार की सुबह अलग-अलग स्थानों पर आग लगने में 11 मकान जलकर राख हो गए। वहीं दो मवेशी जिंदा जले हैं। 16 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से किसी तरह आग पर काबू पाया। मामले में राजस्वकर्मियों ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील भेज दी है। पीड़ित परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हो गए हैं।
आग की लपटें प्रतिवर्ष कहर बरपाती हैं। यह सिलसिला बरसात तक जारी रहता है। बुधवार की सुबह महसी के पंडितपुरवा निवासी प्रताप के घर में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। परिवार के लोगों ने पहले आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल न होने पर घर से बाहर भाग कर जान बचाई। जब तक गांव के लोग दौड़ते, तब तक आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। धीरे-धीरे आग ने जगदीश, देवता, पांचू समेत पांच लोगों के मकान को आगोश में ले लिया। हर तरफ चीख पुकार मच गई। गांव के लोगों ने एकत्रित होकर पंपिंग सेट और कुएं के सहारे किसी तरह आग पर काबू पाया। पांचों घरों में आग से सारा सामान जलकर राख हो गया।
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उधर खैरीघाट थाना अंतर्गत विकास खंड शिवपुर के पुरबियनपुरवा गांव निवासी बरसाती के घर में अचानक आग लग गई। आसपास के लोग जब तक आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचते तब तक लपटों ने गांव निवासी मंगरे, झुर्रा, लोधे, चुन्नीलाल, जुमई के मकानों को भी अपने आगोश में ले लिया। आग से घर में रखा अनाज, नकदी, कपड़े समेत सारा सामान जलकर राख हो गया। घरवालों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि ग्रामीण घर के अंदर से कोई भी सामान नहीं निकाल सके। जुमई की दो बकरियां भी आग से जिंदा जल गईं। सूचना पाकर क्षेत्रीय राजस्वकर्मियों ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेजी है। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर हैं।
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