बहराइच। दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी में शामिल होने के लिए जायरीन की भीड़ जुटने लगी है। चित्तौरा और अनारकली झील पर गैर जनपदों से आने वाले लोगों ने डेरे डाल दिया है। उधर, सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जियारत निरंतर जारी है। अंतिम चौथी के लिए दरगाह प्रशासन भी चाक चौबंद व्यवस्थाओं का दावा कर रहा है।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी पर जियारत और परंपरा निर्वहन के लिए जायरीन दरगाह शरीफ पहुंचने लगे हैं। इस दौरान पूर्वांचल के जायरीन की आमद अधिक हो रही है। इनमें सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया और आजमगढ़ के जायरीन शामिल हैं।
चित्तौरा झील के तट पर डेरा डाले जायरीन झील में स्नान कर परंपरागत तरीके से दुआ कर रहे हैं। झील के तट से गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं।
अंतिम चौथी के आयोजन में सिर्फ दो दिन ही बचे हैं। ऐसे में मेला परिसर में जायरीन के ठहरने की व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि सवा सौ सफाई कर्मी मेला परिसर में मुस्तैद हैं। उन्होंने कहा कि पानी बरसने के दौरान जायरीन को कोई दिक्कत न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।