बहराइच। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक हुई। बैठक में डीएम ने हेल्थ मैनेजमेंट इन्फारमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) के डाटा में अपेक्षित सुधार न पाये जाने पर पांच प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। वहीं पीएम मातृत्व वंदना व जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में लापरवाही पर हुजूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पयागपुर के बीसीपीएम का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बैठक में समीक्षा के दौरान हेल्थ मैनेजमेंट इन्फारमेशन सिस्टम के डाटा में सुधार नहीं होने पर पयागपुर, चित्तौरा, नवाबगंज, बलहा व मोतीपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि फीड डाटा तथा वास्तविक डाटा की गुणवत्ता की जांच कर ली जाय। उन्होंने सचेत किया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। प्र
धानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान मानक के अनुसार भुगतान न किये जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए हुजूरपुर के एमओआईसी डॉ. थानेदार का दो का वेतन रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ पयागपुर के एमओआईसी व बीसीपीएम का वेतन रोकने का निर्देश सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह को दिया।
डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि अपने स्तर पर स्वयं समीक्षा कर लक्ष्य की पूर्ति में फिसड्डी रहने वाले सभी एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करें। टीकाकरण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो आशा व संगिनी संतोषजनक कार्य नहीं कर रही हैं उन्हें नोटिस देते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाय।
जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देश दिया गया कि मानक के अनुसार कार्य न करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति की कार्रवाई करें। बैठक का संचालन डीपीएम एनएचएम डॉ. आरबी यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौहान, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके सिंह व डॉ. मधु गैरोला, डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसके तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।