बहराइच। एक युवक गर्भवती पत्नी का निजी नर्सिंगहोम में इलाज करा रहा था। पांचवें माह में पत्नी की हालत काफी खराब हो गई। चिकित्सक ने इलाज के नाम पर उससे करीब दो लाख रुपये भी वसूल लिए।
लखनऊ में प्रसव होते ही नवजात की मौत हो गई। पुलिस में सुनवाई न होने पर युवक ने कोर्ट में गुहार लगाई। सीजेएम ने पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।
रानीपुर थाना अंतर्गत ग्राम पिपरिया महिपाल सिंह निवासी विवेक सिंह की पत्नी पूजा सिंह का दो बार पूर्व में गर्भपात हो चुका था। इस पर विवेक ने पत्नी को जेल रोड स्थित समाधान नर्सिंगहोम की चिकित्सक डॉ. राजुल सिंह को दिखाया।
गर्भधारण के बाद ही उनकी सलाह और परामर्श के आधार पर इलाज शुरू कर दिया था। लगभग पांच माह बाद जुलाई में पत्नी की हालत काफी खराब हो गई।
विवेक का कहना है कि पेट में असहनीय दर्द होने पर वह पत्नी को लेकर नर्सिंगहोम पहुंचा, लेकिन डॉ. राजुल सिंह वहां पर नहीं मिली। फोन से ही कर्मचारियों को दवा देने के निर्देश दिए।
तब 15 हजार रुपये जमा कराए। इससे पूर्व भी वह करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चुका था पर हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
चिकित्सक के स्वयं इलाज न करने के कारण विवेक अपनी पत्नी को लेकर लखनऊ के राणा प्रताप मार्ग स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर लेकर चला गया।
वहां पर दो अगस्त को उसकी पत्नी को प्रसव हुआ लेकिन बच्चे की हालत खराब होने के कारण जन्म लेते ही उसकी मौत हो गई।
कोर्ट ने 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
विवेक का कहना है कि करीब दो लाख रुपये खर्च करने के बाद भी चिकित्सक ने इलाज में लापरवाही बरती है। उसने 25 अगस्त को एसपी को भी प्रार्थना पत्र भेजा था।
कार्रवाई न होने पर सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत कुमार भारती ने मामले की सुनवाई करते हुए कोतवाली देहात पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
15 दिन के अंदर कोर्ट ने आदेश की अनुपालन आख्या भी तलब की है। प्रभारी निरीक्षक एके सिंह का कहना है कि अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश की प्रति थाने पहुंचने पर समुचित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।