बहराइच। तराई में दो दिन से हो रही मूसलाधार वर्षा से तबाही का दौर जारी है। जगह-जगह जलभराव के चलते अब मकानों के ढहने का सिलसिला शुरू हो गया है। रात से अब तक शहर और ग्रामीण अंचलों में 16 लोगों के मकान ढहे हैं।
मलबे में दबकर 18 लोग घायल हुए हैं। सभी को स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। इनमें एक की हालत नाजुक होने के चलते उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। वहीं 24 घंटे में 118 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है। जिसके चलते शहर के जिला अस्पताल में जलभराव की स्थिति शुक्रवार को भी रहे वहीं निचले इलाकों में बसे मोहल्ले भी लगालब रहे।
बुधवार रात से शुरू हुआ वर्षा का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। जिला अस्पताल में दूसरे दिन भी आने वाले तीमारदार और मरीजों ने जलभराव का सामना किया। वहीं शहर के तिकोनीबाग, घसियारीपुरा, नौवागढ़ी, बक्शीपुरा नई बस्ती समेत पांच मोहल्लों में दूसरे दिन भी लोग जलभराव से जूझे।
फखरपुर विकासखंड के ग्राम नंदवल में रामकुमार मिश्र, बजरंग और सुखराम समेत 6 ग्रामीणों के कच्चे मकान धराशायी हो गए। संयोग से यहां कोई हताहत नहीं हुआ।
नानपारा के लखईया गांव में वर्षा के दौरान राम नेरेश का मकान ढह गया।
परिवारीजनों ने भाग कर जान बचाई लेकिन रामनेरश की 12 वर्षीय बेटी रिंकी मलबे में दब गई। उसे गंभीर हालत में सीएचसी में भर्ती कराया गया है। खैरीघाट के पाठक पुरवा में मनीराम के परिवार के लोग रात में घर में सो रहे थे। तभी मकान अचानक ढह गया।
चपेट में आकर मनीराम (40), मां राजरानी (60), पत्नी रीता (35), पुत्र सुमित (6), सतीष (12) व पुत्री सुमन (11) घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उधर रामगांव के किशुनपुर मीठा गांव में मकान ढहने से चपेट में आकर सुमन (50 पत्नी बराती, रिसिया के बहबुलिया में संदीप (14), घायल हुए है। सुमन की हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया।