बहराइच। तराई में भारी उमस के बीच गुरुवार दोपहर में अचानक बौछारें पड़ीं। लगभग 20 मिनट बरसात हुई। जिससे लोगों को राहत मिली। किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान वर्षा की फुहारों को फसलों के लिए अमृत बता रहे हैं।
तराई में बीते 20 दिन से बरसात नहीं हुई है। बादल आते थे और उड़ जाते थे। लेकिन बुधवार रात से अचानक मौसम में तब्दीली महसूस हो रही थी। गुरुवार सुबह से सूरज और बादलों में लुकाछिपी का दौर चल रहा था। दोपहर में एक बजे के आसपास अचानक आसमान में काले बादल उमड़ आए। तेज पुरवा हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। फिर बौछारों ने तराई को तर किया। लगभग 20 मिनट बरसात हुई। इससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को जहां निजात मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि हल्की फुहारें पड़ी हैं। लेकिन इससे धान, गन्ना और सब्जियों की फसल को फायदा पहुंचेगा। केले की उत्पादकता पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आगामी चार दिन तक बूंदाबांदी और बौछारों का क्रम रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है।