सिपाहिया हुलास चरीगाह गांव में मंगलवार देर रात आग से 15 मकान जलकर राख हो गए। सो रहे लोगों ने भाग कर जान बचाई। आग की लपटों के बीच से निकलते हुए चपेट में आकर दो युवक झुलस गए। एक युवक ने दीवार से छलांग लगा दी। इससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। ग्रामीणों ने किसी तरह भोर में आग पर काबू पाया। सभी 15 मकानों में रखा सामान जल गया। नकदी समेत 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई। इन परिवारों के 105 सदस्य बेघर हुए हैं। राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर मुआयना किया है।
बौंडी थाना के सिपाहिया हुलास चरीगाह गांव निवासी रामनरेश रात में 11 बजे के आसपास घर में परिवारीजनों के साथ सो रहे थे। तभी अज्ञात कारणों से मकान में आग लग गई। घर जब आग की लपटों से घिर गया, तब परिवारीजनों की नींद खुली। इस पर सभी शोर मचाते हुए किसी तरह भागे। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। लेकिन चल रही पछुवा हवा से आग की लपटें तेजी से फैलीं।
जब तक आग बुझाने का इंतजाम होता, तब तक लपटों ने शंकर प्रसाद, राजेंद्र, श्रीचंद्र, सुरेश, पाले, श्रवण कुमार, बांकेलाल, बेरहम, जोधे, लालजी, शिवकुमार, मयंकर, सियाराम, लल्लन और भागदेई समेत 15 ग्रामीणों के मकान को आगोश में ले लिया। आग तेजी से फैल रही थी। लेकिन किसी तरह ग्रामीणों ने पड़ोस के मकानों के छप्पर को ढहाकर आग को फैलने से रोका।
इसके बाद लपटों पर काबू पाने की कवायद शुरू हुई। आग लगने के दौरान बांकेलाल के परिवारीजन भी जान बचाकर भागे। उनका पुत्र रमेश आग की लपटों में घिर गया। जब दरवाजे से नहीं निकल सका तो दीवार पर चढ़कर छलांग लगा दी। लेकिन तब तक वह झुलस गया। दीवार से कूदने के कारण दाहिना पैर भी फ्रैक्चर हो गया। काले का पुत्र सरवन झुलसकर घायल हुआ है। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया है।